नए कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बार्डर पर बैठे किसानों ने खाने का मेन्यू बदल लिया है. नया मेन्यू गर्मी को देखते हुए बनाया गया है, जिससे धूप पर बैठे किसानों को गर्मियों में स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की परेशानी न हो. सुबह नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के खाने में हल्की चीजें शामिल की गई, इसके साथ ही पेय पदार्थ की मात्रा बढ़ा दी गई है. दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की रैली को संबोधित करेंगे.
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के सदस्य बलजिंदर सिंह मान ने बताया कि किसान सर्दी और गर्मी में शरीर की जरूरत के अनुसार अलग अलग खाना खाते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए मेन्यू बदल दिया गया है. अब चाय और काफी के स्टाल कम कर दिए जाएंगे. सर्दियों में धरना स्थल पर करीब 20 स्टाल चाय काफी लगे थे, लेकिन इनकी संख्या कम कर दी जाएगी. इनकी जगह लस्सी, छाछ, रायता, सत्तू, शरबत, नींबू, शिकंजी आदि स्टाल लगाए जाएंगे. जिससे धूप में शरीर में पानी की कमी न हो पाए. इसके साथ ही जगह-जगह पानी के स्टाल भी लगाए जाएंगे. वहीं नाश्ते में ब्रेड पकौड़ा जैसी तली भुनी चीजें कम कर दी जाएंगी. इसकी जगह गुड़, चना, दलिया, खिचड़ी और दही दिया जाएगा. इसके अलावा खाने में पूड़ी, कचौड़ी के बजाए रोटी,सब्जी और चावल अधिक दिया जाएगा. 13 मार्च को टिकैट पश्चिम बंगाल में कृषि कानून के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 13 मार्च को पश्चिम बंगाल में किसानों की सभा को संबोधित करेंगे. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये बंगाल के किसानों से संपर्क किया है. टिकैत का कहना है कि वहां पर किसानों को फसल की एमएसपी नहीं मिल रही, इसलिए रैली करेंगे.
