हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को वर्ष 2021-22 के लिए 1.55 लाख करोड़ का बजट पेश किया। वहीं हरियाणा में पेश हो रहे बजट को लेकर पंजाब के किसानों की भी निगाहें टीकी हुई थी। पूरे बजट के दौरान किसान आंदोलन का कहींं भी दबाव नजर नहीं आया। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के अपने विजन के तहत बजट में उनके लिए छोटी-मोटी योजनाएं तो दी हैं लेकिन कोई बड़ी सीधी राहत की घोषणा नहीं की है। हरियाणा सरकार ने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर दिया है। प्रदेश में 9वीं से 12 तक निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की है। बजट में 1000 वेलनेस सेंटर खोलने का प्रावधान है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज और चिकित्सकों की भर्ती और अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया है। आठ और श्रेणियों के लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा।
बुढ़ापा पेंशन में 250 रुपये की बढ़ोत्तरी कर इस साल एक अप्रैल से यह पेंशन 2500 करने की घोषणा की है। साथ ही 50 हजार युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है। पांच एकड़ से कम जोत वाले किसानों के लिए 6000 रुपये सालाना दिए जाएंगे। 1.80 लाख सालाना आय वाले परिवार भी 6000 रुपये वार्षिक लेने के पात्र होंगे। गरीबों को 20 हजार मकान देने का लक्ष्य बजट में रखा गया है। नए बजट में शिक्षा के लिए बड़ी रकम है। 2021-22 के लिए शिक्षा का बजट 18410 करोड़ रखा गया है। पिछले वर्ष यह 15629 करोड़ था। इस बार इसमें 17.8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार ने स्वास्थ्य के साथ तंदुरुस्ती को जोड़ते हुए खेल को भी इसी में समाहित कर लिया है। स्वास्थ्य के लिए सरकार ने 2021-22 में 7731 करोड़ की रकम का प्रावधान किया है, यह रकम पिछले साल 6433 करोड़ थी। सरकार का दावा है कि इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन स्वास्थ्य के खाते में सरकार ने तंदुरुस्ती और खेल को भी जोड़ दिया है।
हरियाणा सरकार को जीएसटी से बड़ी राहत मिल रही है। जीएसटी, आबकारी खनन और अन्य माध्यमों से मिलने वाले राजस्व पर भरोसा करते हुए सरकार ने प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया है। सरकार का कहना है कि वह अपने संसाधनों के माध्यम से ही राजस्व इकट्ठा करेगी। नगर निकाय के अंतर्गत आने वाली दुकानें पिछले कई सालों से न्यूनतम किराये पर चल रही हैं। इन दुकानों का सर्वे कर आज के मार्केट रेट के हिसाब से सरकार इन दुकानों को चला रहे दुकानदारों को उनका मालिकाना हक देगी। इस योजना के तहत कुल राशि में कुछ राहत देने का भी प्रावधान है। कोविड-19 की चुनौतियों के बीच हरियाणा सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वावलंबन और स्वाभिमान को बजट का आधार बनाते हुए 1.55 लाख करोड़ का बजट पेश किया है। जबकि पिछले बजट में 1.42 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया था। बजट में सरकार ने नया कर न लगाने का दावा किया है। सरकार ने कोविड को आधार बनाते हुए बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों पर अधिक फोकस किया है। इसके अलावा स्वाभिमान और स्वावलंबन की झलक अपनी योजनाओं में शामिल की है। कोविड काल में सरकार का राजस्व घट गया था। अक्तूबर माह के बाद यह राजस्व बढ़ना शुरू हुआ है। जिसमें से दस से 12 हजार करोड़ की रिकवरी हो चुकी है। सरकार ने अनुसूचित जाति के लोगों को कानूनी सहायता योजना के तहत दी जाने वाली राशि को दोगुना करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के लोगों को अदालतों में संपत्ति, कृषि भूमि, किराया और आरक्षण आदि से संबंधित मामलों की पैरवी का खर्च पूरा करने के लिए 11,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 22,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के लिए 524 करोड़ रुपये आवंटित की हैं। इसके अलावा, हरियाणा सरकार की राज्य बीमा न्यास के माध्यम से एक सर्वसमावेशी बीमा स्कीम शुरू करने की योजना है। इसमें दुर्घटना या किसी अनहोनी घटना में किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह की मृत्यु होने पर विस्तृत बीमा कवर उपलब्ध करवाया जाएगा। यह स्कीम क्रियान्वित होने पर संबंधित विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा चलाई जा रही स्कीमों का स्थान लेगी।
बजट में ये भी खास
राज्य में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और पांच लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य
पंचकूला और हिसार को स्मार्ट एवं सहनशील शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा
मानेसर के निकट ग्लोबल सिटी विकसित की जाएगी
कुरुक्षेत्र में 134 स्थलों के साथ 40 कोस क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये से दिव्य कुरुक्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र में कृष्णा सर्किट, रेवाड़ी-महेंद्रगढ़-माधौगढ़-नारनौल हैरिटेज सर्किट, पंचकूला में नाडा साहिब गुरुद्वारा एवं माता मनसा देवी मंदिर और आदि बद्री के विकास के विकास की नई पहल
नई शिक्षा नीति के तहत 21962 आंगनबाड़ी में स्कूल पूर्व शिक्षा देगी
तहसील, उपतहसील व ब्लॉक में डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर रहेगा
डाटा सेंटर नीति बनाई जा रही, इको सिस्टम स्थापित होगा
बोर्ड, निगमों व विश्वविद्यालय में ई-ऑफिस का पूर्ण क्रियान्वयन
पिंजौर व गुरुग्राम फिल्म सिटी के तौर पर विकसित होंगे
पूर्व सैनिकों के लिए सात जिलों में बनेंगे समेकित सैनिक सदन
रक्षा बलों में भर्ती होने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, तकनीकी कार्य प्रशिक्षण अकादमी स्थापित की जाएगी
भिवानी का लोहारु किला, तिगड़ाना हड़प्पा स्थल, फतेहाबाद का कर्णकोट, फरीदाबाद में बल्लभगढ़ स्थित रानी की छतरी, नूंह का पुराना तहसील भवन, मकबरा परिसर तावडू, चुहिमल की छतरी, जींद का किला जफरगढ़, जिला झज्जर की दुजाना स्थित लाल मस्जिद, बाघवाली कोठी, कैथल किला को सरकार अपने संरक्षण में लेगी
गोशालाओं में 2021-22 के दौरान 1200 किलोवॉट क्षमता के सौर ऊर्जा सयंत्र लगाए जाएंगे 330 गोशालाओं में 1991 किलोवॉट की संचयी क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना विभिन्न विभागों को राशि (रुपये में) जो जारी की गई- उद्योग एवं वाणिज्य- 516 करोड़, सहकारिता- 1274 करोड़, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास- 1573 करोड़, परिवहन- 2699 करोड़, लोक निर्माण, सड़क, पुल- 2984 करोड़, जनस्वास्थ्य, अभियांत्रिकी- 3401 करोड़, सिंचाई एवं जल संसाधन- 5081 करोड़, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां- 5279 करोड़, शहरी विकास व टीसीपी- 5599 करोड़, गृह- 5897 करोड़, पंचायत, ग्रामीण विकास- 5979 करोड़, स्वास्थ्य- 7336 करोड़, ऊर्जा व गैर परंपरागत ऊर्जा- 7359 करोड़, पेंशन- 9199 करोड़, सामाजिक न्याय, अधिकारिता 10798 करोड़, शिक्षा, खेल, कला, संस्कृति- 18118 करोड़। कहां से मिलेगा सरकार को रुपया- केंद्र से- 9.75 प्रतिशत, उधार- 38.41 प्रतिशत, अपना कर राजस्व- 40.90 प्रतिशत, गैर कर राजस्व- 7.15 प्रतिशत। कहां खर्च होगा रुपया- कर्ज भुगतान- 30.80 प्रतिशत, आर्थिक सेवाएं- 25.14 प्रतिशत, सामान्य सेवाएं- 12.79 प्रतिशत, सामाजिक सेवाएं- 31.27 प्रतिशत।
