फरीदाबाद : विकास कार्यों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। विभिन्न मौकों पर आरोप व शिकायतें सही भी पाई जाती हैं। कई बार सड़कें खुद ही गुणवत्ता की पोल खोल देती हैं। ऐसी ही कुछ कहानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने सीकरी फ्लाईओवर की सड़क बयां कर रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने 27 फरवरी को सीकरी पुल का उद्घाटन कर इसे आवागमन के लिए खोल दिया था। अब आवागमन शुरू हुए 15 दिन ही हुए हैं और पुल की सड़क जर्जर होने लगी है। जहां-जहां सड़क टूटने लगी है, वहां कुछ दिन बाद गड्ढे बनने शुरू हो जाएंगे और हादसे का कारण बनेंगे। जो रोड़ी उखड़ी है, वो किनारों पर जमा हो गई है।
पुल से प्रतिदिन आवागमन करने वाले वाहन चालक मनोज गोयल बताते हैं कि उद्घाटन के चार दिन बाद ही सड़क उखड़नी शुरू हो गई थी, तब मरम्मत कर दी गई थी। अब फिर सड़क जर्जर हो गई है। स्पष्ट है कि निर्माण कार्य में किस तरह की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। आरटीआइ कार्यकर्ता संदीप ने सड़क निर्माण पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और संबंधित कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की जानकारी नहीं है। मौका मुआयना किया जाएगा। यदि ठेकेदार की लापरवाही सामने आई तो उचित कार्रवाई होगी। जहां से सड़क जर्जर हो रही है, उसे दोबारा बना दिया जाएगा।
