फरीदाबाद : सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने हरियाणा सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया है। संघ ने कहा सरकार के एजेंडे में कर्मचारी और उनके लंबित मुद्दे नहीं हैं। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बजट में कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को दरकिनार किए जाने पर रोष जताया है।
उन्होंने कहा सोमवार को निजीकरण विरोधी दिवस पर रेलवे स्टेशनों पर किए जाने वाले प्रदर्शनों में कर्मचारियों व मजदूरों की मांगों की उपेक्षा का मामला जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा अगर कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को सरकार ने हल नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कोरोना योद्धा कहे जाने वाले कर्मचारियों की अब छंटनी की जा रही है और उन्हें 6 से लेकर 11 महीने तक वेतन नहीं मिला है। प्रदेशाध्यक्ष ने बजट पर प्रतिक्रिया जताते हुए शनिवार को यहां कर्मचारियों के साथ कहा कि ऐसा लगता है कि कर्मचारी और उनके मुद्दे सरकार के एजेंडे में नहीं हैं। उन्होंने कहा बजट में ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मियों को बिचौलियों व शोषण से मुक्ति दिलाने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने की नीति बनाने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, केरल सरकार की तर्ज पर डीए बहाली करने, एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने व जनसेवाओं के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों पर बजट में कुछ भी नहीं कहा गया है।
