उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसा संगठन है जो राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी का विकल्प बन सकता है। आज पार्टी को हर तरह से मजबूत करने की जरूरत है। नेशनल लेवल पर ऐसे दलों को एक झंडे तले लाने की आवश्यकता है जो बीजेपी से इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि कांग्रेस ने देश की आजादी में अहम भूमिका अदा की थी। कांग्रेस से जुड़ा हर व्यक्ति चाहता है कि इस ऐतिहासिक पार्टी को मजबूत किया जाए। इसके लिए ही उनके ग्रुप के नेताओं ने अपनी आवाज बुलंद की है। वह चाहते हैं कि इसे निजी हितों की लड़ाई करार देकर कमजोर न किया जाए।
G-23 के नेता ने कहा कि नेतृत्व के बगैर कोई पार्टी खुद को जिंदा नहीं रख सकती है। संगठनात्मक चुनाव होंगे तो कोई न कोई सशक्त नेता उभरकर सामने आ जाएगा। एक सवाल पर उनका कहना था कि चुनाव में कौन खड़ा होगा, इसका फैसला सामने वाले उम्मीदवार को देखकर किया जाएगा। हालांकि, उनका यह भी कहना था कि पार्टी का संविधान हरेक को चुनाव लड़ने की इजाजत देता है। पांच राज्यों के चुनाव पर उनका कहना था कि केरल और असम में कांग्रेस अच्छी स्थिति में है। कुछ राज्यों में पार्टी लंबे समय से लड़ाई से बाहर है। यहां किसी सुनामी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
