कुशीनगर : तमकुहीराज तहसील सेवरही विकास खण्ड के ग्राम सभा मठिया श्रीराम के समाजसेवी व आर.टी. आई एक्टिविस्ट मोहन तिवारी ने लिखित आपत्ति शिकायत पत्र में कहा था कि 85 प्रतिशत जनसंख्या होने के बावजूद भी मठिया श्रीराम में ग्राम प्रधान पद अनारक्षित सीट नही हुआ उसका मुख्य कारण सेवरही ब्लॉक के वीडियो ने अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए मनमानी पूर्ण रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज था जिसके चलते मठिया श्रीराम में भी ग्राम प्रधान पद का सीट अनारक्षित न होकर ओ.बी.सी हो गया था जबकि वहां पर अत्यधिक जनसंख्या सामान्य वर्ग विशेष लोगों की है। समाजसेवी व आर.टी. आई एक्टिविस्ट मोहन तिवारी ने लिखित शिकायत पत्र जिलाधिकारी कुशीनगर एस राज लिंगम,उपजिलाधिकारी सहित जिला पंचायत राज्य मंत्री भूपेन्द्र चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी अरूण कुमार ओएसडी, कुलदीप सिंह राठौर अपर निजी सचिव ,राजेश कुमार अपर निजी सचिव,रोशन कुमार सिंह सहायक निजी सचिव को इसकी लिखित शिकायत के साथ साथ आपत्ति भी दर्ज्ज कराया था। हम सभी विदित है कि समाजसेवी मोहन तिवारी ने मठिया श्रीराम के ग्रामवासियों के जनसमस्या के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर 5 सुत्रीय मांगो को लेकर धरना/अनशन भी किये जिसके कुछ ही दिनों के बाद जिले के बड़े अधिकारियों ने उनकी सभी मांगे मान लिया था और उनको जूस पिला कर धरने अनशन को खत्म करा दिया था।

हालांकि की अब नये सिरे से यूपी पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने कहा कि वह वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक यूपी पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिया है। समाजसेवी मोहन तिवारी ने कहा है कि अब वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार तैयार है यदि अब कोई भी कुशीनगर जिले के अधिकारियों द्दारा या बीडीओ द्दारा कोई भी गड़बड़ी अपनी निजी स्वार्थ की पूर्ति में या फिर किसी के प्रभाव में आकर की जाती है तो अब इलाहाबाद हाइकोर्ट में वह स्वंय उनके खिलाफ याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समय से चुनाव सम्पन्न न होने से प्रदेश भर के सभी ग्रामसभाओं का विकास के कार्य रुका हुआ है।
