देश में कोरोना की विस्फोटक स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर चिंता जताई है। बुधवार सुबह उन्होंने मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। कहा कि 1 से 15 मार्च के बीच 16 राज्यों के 70 जिलों में कोरोना के केस 150% से अधिक बढ़े हैं। कोरोना की दूसरी लहर को तत्काल नहीं रोका तो मुश्किलें झेलनी होंगी। हमेें त्वरित और निर्णायक कदम उठाने होंगे।
मोदी ने यह चेतावनी भी दी कि अब टियर 2 व टियर 3 शहरों में कोरोना बढ़ रहा है। यह गांवों तक फैला तो संसाधन कम पड़ सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट अचानक बढ़ा है। कुछ राज्यों में रैपिड एंटीजन टेस्ट अधिक हो रहे हैं। वहां आरटी-पीसीआर टेस्ट करने चाहिए। कोरोना की लड़ाई में हम यहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, अतिआत्मविश्वास में न बदले।
- बुधवार को पिछले 24 घंटे में देश में 28,903 नए केस सामने आए। यह 14 दिसंबर के बाद एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
- दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने सरकार को चिट्ठी लिखी है कि 45 से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को भी टीकाकरण की अनुमति देनी चाहिए।
पीएम ने मुख्यमंत्रियों से स्पष्ट कहा कि महाराष्ट्र और मप्र में पॉजिटिविटी रेट अचानक बढ़ा है। कुछ जिलों में स्थानीय प्रशासन मास्क पहनना सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं। छोटे शहरों में टेस्टिंग बढ़ानी होगी। वहां ‘रेफरल सिस्टम’ और ‘एम्बुलेंस नेटवर्क’ पर सरकारों को विशेष ध्यान देना होगा।
पीएम ने दिया मंत्र : टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट से ही काबू में आएगा संक्रमण
पीएम ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट दर 70% से अधिक हो। हर संक्रमित के संपर्कों को कम समय में ट्रैक करें। एक साल पहले जितनी गंभीरता रखें।
टेस्टिंग… दिल्ली और केरल आगे, मध्यप्रदेश, गुजरात लगातार पीछे
- राज्य आगे औसत टेस्ट
- दिल्ली 6.77
- केरल 3.52
- कर्नाटक 3.02
- तमिलनाडु 2.43
- मप्र 0.73
- छग 1.83
- महाराष्ट्र 1.45
- यूपी 1.46
वैक्सीनेशन… महाराष्ट्र और मप्र राजस्थान से भी कम डोज लगा रहे
- राज्य डोज रोज
- राजस्थान 1.52
- महाराष्ट्र 1.38
- गुजरात 1.21
- मध्य प्रदेश 0.61
- हिमाचल 0.09
- पंजाब 0.14
- हरियाणा 0.28
- दिल्ली 0.28
आंकड़े लाख में, टेस्टिंग प्रति 10 लाख आबादी में, वैक्सीन डोज प्रतिदिन औसत
पीएम ने टीकों के व्यर्थ होने पर भी चिंता जताई। 4 राज्यों में टीके अधिक व्यर्थ हो रहे हैं।
रतलाम में 500% तो भीलवाड़ा में 275% बढ़ गया संक्रमण
- पंजाब : रूपनगर 256, अमृतसर 123, मोगा 100, शहीद भगत सिंह नगर 51, कपूरथला 51%।
- मप्र : रतलाम 500%, ग्वालियर 360%, खरगोन 250%, उज्जैन 214%, बुरहानपुर 183.3%, जबलपुर 179%, भोपाल 103%, छिंदवाड़ा 89%, इंदौर 74%, बैतूल 30%।
- छग : सूरजपुर 425, सरगुजा 138, रायपुर 91 और राजनांदगांव 60%
भास्कर स्कैन: कोरोना बढ़ाने में इन दो राज्यों की अधिक भागीदारी, फरवरी की शुरुआत से मरीज बढ़ने लगे थे
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में इस साल फरवरी के बाद से डेढ़ माह में 629% तक नए कोरोना मरीज बढ़ चुके हैं, लेकिन इनके मुकाबले टेस्टिंग नहीं बढ़ी, न ही सतर्कता बरती गई।
राज्य में 2 फरवरी के बाद केस बढ़ने लगे थे। इसके बाद से 497% केस बढ़ चुके हैं, लेकिन टेस्ट 71% ही बढ़ पाए हैं। नागपुर में लॉकडाउन और पुणे, अकोला समेत कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। लेकिन केस बढ़ना नहीं थम रहे हैं। राज्य प्रभावित जिलों में आरटी-पीसीआर टेस्टिंग में रफ्तार बढ़ाए तो महामारी काबू में आ सकती है। फिलहाल राज्य में संक्रमण दर भी 16% तक पहुंच चुकी है।
मध्यप्रदेश… टेस्ट महज 2% बढ़े, केस 259% तक बढ़ चुके हैं
राज्य में 10 फरवरी के बाद एकाएक केस बढ़ना शुरू हुए थे। इसके बाद से अब तक 259% केस बढ़ चुके हैं, लेकिन उस तुलना में टेस्ट महज 2% बढ़ाए गए। इंदौर-भोपाल में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राज्य के कुल 10 से अधिक शहरों में कोरोना के केस अचानक बढ़े हैं। मध्य प्रदेश में संक्रमण दर बढ़कर 4.3% है। राज्य के 54% केस केवल इंदौर और भोपाल में मिल रहे हैं।
