फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] कृषि कानूनों के विरोध में 26 मार्च को किसान भारत बंद के दौरान बाजार की दुकानों के साथ नेशनल हाइवे को बंद करेंगे। इसको लेकर गुरुवार को धरना स्थल पर रणनीति तैयार की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि शुक्रवार सुबह धरना स्थल पर बैठकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बैठक में गांवों में चल रहे जागरुकता अभियान को और तेज करने की जिम्मेदारी भी किसानों को सौंपी गई। उधर भारत बंद को देखते हुए पुलिस भी पूरी तरह से तैयार है। पुलिस का कहना है कि इस दौरान किसी ने उपद्रव की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा सरकार से खफा है किसान
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों और धरने की उपेक्षा करना सरकार को भारी पड़ेगा। नेशनल हाइवे पर अंटोहा चौक पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि अन्याय व अत्याचार को भी सहने की सीमा होती है। अब किसान जागरूक हो चुके हैं। वे अपना अधिकार लेकर ही घर लौटेंगे। सरकार चाहे जितना जोर लगा ले, किसान पीछे हटने वाले नही हैं। उन्होंने कहा भाजपा सरकार ने बार-बार किसानों को अपमानित करने का काम किया है।
