फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा उत्प्रेरित और समर्थित व मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज नूंह द्वारा आयोजित ऊर्जा संरक्षण और जल संचयन कार्यक्रम में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप जाखड़ व जिला बागबानी अधिकारी नूंह दीन मोहम्मद पल्ला कॉलेज पहुंचे। पल्ला कॉलेज में आसपास के किसानों, स्कूल, कॉलेज, मदरसों के छात्रों को उर्जा व जल बचाने की तकनीक के बारे में बताया। ज़िला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण व जल संचयन के लिए कार्यक्रम आयोजित करने के लिए हरेडा विभाग व उनके महानिदेशक बधाई के पात्र हैं क्योंकि तालीम के असली मायने ही जीवन को सरल व सुगम बनाने का होता है। ऊर्जा व जल को बचा कर ही हम आने वाली पीढ़ी को उन्नत भारत दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से इलाके के लोगों को फायदा होगा और ऊर्जा बचाने में मदद मिलेगी।
ज़िला बागबानी अधिकारी दीन मोहम्मद ने कहा कि हरेडा, इंजिनियरिंग कॉलेज व किसानों ने मिलकर एक अच्छी पहल की है, ऐसे कार्यक्रम स्थानीय लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। दीन मोहम्मद ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण एवं जल संचयन से किसानों के साथ साथ आम आदमी को भी लाभ होगा। उन्होंने किसानों के सवालों का जवाब देते हुए किसानी की नवीनतम तकनीक के बारे में बताया। कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर डॉ ख्वाजा मोहम्मद रफी ने कहा कि हरेडा विभाग ने मेवात क्षेत्र के किसानों, लोगों को ऊर्जा संरक्षण एवं जल संचयन के बारे में जागरूक करने के लिए ये कार्यक्रम आयोजित किया है, हरेडा विभाग ऐसे कार्यक्रम प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में करते रहता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम का मकसद होता है कि किसानों को व आम आदमी को सरकारी की परियोजनाओं, ऊर्जा संरक्षण की तकनीक की जानकारी दी जाए।
कार्यक्रम के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर डॉ शाहीन खान ने मंच संचालन किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम से ना केवल किसानों बल्कि छात्रों व शिक्षकों को भी सीखने को मिलता है। कई गांवों में जाकर किसानों से संवाद किया गया व उन्हें जानकारी दी गई। सहायक प्रोफेसर वसीम अकरम ने हरेडा, हरेडा महा निदेशक, मुख्य अतिथि अनूप जाखड़, विशिष्ट अतिथि दीन मोहम्मद, कार्यक्रम की पूरी टीम सहित सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही उर्जा संरक्षण एवं जल संचयन संभव हो सकता है। एस ओ एस स्कूल के प्राचार्य असलम खान ने कहा कि आज सभी को ऊर्जा संरक्षण एवं जल संचयन के बारे में सोचना चाहिए क्यूंकि ये गंभीर विषय है। जिस धरती पर हम जीते हैं उसकी हमें ही चिंता रखनी होगी। कार्यक्रम में जिले के कई किसानों, छात्रों को उनके योगदान के लिए प्रशंसा पत्र व स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस दौरान अनूप सिंह जाखड़, दीन मोहम्मद, डॉ ख्वाजा रफी, डा शाहीन खान, वसीम अकरम, अफजाल फातिमा, डॉ डाबरा, राजू, शमशाद अली, शाहीना बानों, साकिर, शाहिद, मुस्ताक़ सहित सैंकड़ों छात्र, किसान, शिक्षक मौजूद थे।
