संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हरियाणा में भी किसान संगठन भारत बंद में शामिल हाे रहे हैं। राज्य में रोहतक सहित कई इलाकाें में सुबह से हरियाणा रोडवेज की बसें नहीं चल रही हैं। इससे यात्री भटकने को मजबूर हैं। किसान कई जगहाें पर सड़कों पर आ गए हैं। शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का असर अधिक दिख रहा है। रेल सेवा पर भी असर पड़ा है। कई जगह किसान रेल ट्रैक पर बैठ गए हैं।
बंद के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसानों के बंद के कारण रेल यातायात भी प्रभावित होने की संभावना है। कुछ जगहों पर किसानों के रेल ट्रैक पर पहुंचने की भी खबरें हैं। राज्य में बंद के कारण 217 सड़क मार्ग प्रभावित हाेने की संभावना है। इनमें 33 प्रमुख सड़क मार्ग हैं। इसके साथ की करीब 10 स्थानों पर रेलवे ट्रैक को किसान बाधित कर सकते हैं।
अंबाला के शाहपुर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान।
अंबाला के शाहपुर के पास किसान रेल ट्रैक पर धरना देकर बैठ गए हैं। कई अन्य जगहों पर भी किसानों ने रेल ट्रैकों को बाधित कर दिया है। अंबाला के पास किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर बैठ गए हैं। शाहपुर में हाईवे पर ट्रैक्टर खड़ा कर उसे बाधित किया गया है। सिरसा में बस स्टैंड के बाहर किसान जाम लगाए बैठे गए और इस वजह से बस सेवा प्रभावित हुई है। राज्य में कई अन्य जगहाें पर किसानों ने बसों का संचालन रोक दिया। हिसार जिले में नारनौंद सहित कई जगहों पर किसानों ने सड़कों काे जाम किया है। सिरसा सहित कई शहरों में बजार बंद हैं। किसान संगठन अलग-अलग टोलियां बनाकर बाजारों में घूम रहे हैं और बंद की अपील कर रहे हैं।
बसें नहीं चलने से रोहतक बस स्टैंड पर परेशान यात्री।
रोहतक में सुबह से ही हरियाणा बसें नहीं चल रही हैं। पहले कहा गया था कि हरियाणा रोडवेज की बसें दिन में 12 बजे से दो बजे तक नहीं चलेंगी, लेकिन अधिकतर जगहाें पर सुबह से ही बसें नहीं चल रही हैं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है और वे भटकने को मजबूर हैं।
सिरसा में बस स्टैंड के गेट पर धरना देकर बैठे किसान।
बंद के कारण दूध और सब्जियों की सप्लाई रोकने का भी किसान संगठनों ने आह्वान कर रखा है। कई जगहों पर इसका असर दिख रहा है, लेकिन कई जगह शहरी क्षेत्रों में दूध की सुबह सप्लाई हुई है। बंद के दौरान उपद्रव और तोड़फोड़ की घटना को रोकने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
