पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं. अब इमरान ने अपनी गलत नीतियों का खामियाजा वित्त मंत्री डॉ अब्दुल हफीज शेख पर फोड़ते हुए उन्हें पद से हटा दिया है. शेख की जगह उद्योग एवं उत्पादन मंत्री हम्माद अजहर को नया वित्त मंत्री नियुक्त किया गया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री शिबली फराज ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर नई वित्त टीम को लाने का निर्णय लिया है
GDP में गिरावट का दौर
इमरान खान के 2018 में सत्ता में आने के बाद से वित्त मंत्रालय संभालने वाले अजहर तीसरे मंत्री होंगे. बता दें कि इमरान खान की सरकार बनने के बाद पाकिस्तान (Pakistan) की जीडीपी 5.6 प्रतिशत से गिरकर -0.4 प्रतिशत तक आ गई है. खान ने अपना वित्त मंत्री ऐसे समय में बदला है जब एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से उसे 6 अरब डॉलर की बेलआउट राशि दिए जाने पर विचार किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान के आर्थिक सुधारों पर उठते सवालों के बीच यह बेलआउट पैकेज एक साल के लिए रोक दिया था.
Election में हार का लिया बदला?
डॉ अब्दुल हफीज शेख को सीनेट चुनाव में युसूफ रजा गिलानी से हार का सामना करना पड़ा था. इमरान खान ने शेख के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था, लेकिन उन्हें जीत नहीं दिलवा सके. इस हार के बाद शेख के राजनीतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी. शेख को पिछले साल वित्त मंत्री बनाया गया था. माना जा रहा है कि बढ़ती महंगाई पर विपक्ष के हमलों से बचने और सीनेट में हार के लिए शेख को बलि का बकरा बनाया गया है.
‘Inflation को लेकर चिंतित हैं PM’
सूचना मंत्री शिबली फराज ने स्थानीय चैनल ‘दुनिया न्यूज टीवी’ से बातचीत में कहा कि बढ़ती महंगाई को लेकर प्रधानमंत्री चिंतित हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नई टीम लाने का फैसला लिया है, ताकि आम जनता को महंगाई से राहत प्रदान करने के लिए कारगर रणनीति तैयार की जा सके. उन्होंने आगे कहा कि सरकार ऐसी नीतियां विकसित करना चाहती है, जो गरीबों पर केंद्रित हों. गौरतलब है कि इमरान खान के राज में महंगाई हर रोज नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है.
