फरीदाबाद : गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। सरकार ने भी एक अप्रैल से गेहूं सहित बाकी रबी की फसलों की खरीददारी शुरू करने का एलान कर दिया है, बावजूद इसके इतने व्यस्त समय में किसान कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर डटे हुए हैं। बुधवार को काफी किसान अटोंहा धरना स्थल पर पहुंचे और कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनकारी किसानों को अपना समर्थन दिया। सोहनपाल चौहान ने अध्यक्षता की और राजकुमार ने मंच संचालन किया। किसान नेताओं ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम अपनी फसल को नहीं बेचने की बात कही।
गेहूं कटाई और आंदोलन में बना रहे तालमेल
बुधवार को अन्य दिनों के मुकाबले धरना स्थल पर लोगों की भीड़ कम थी। विशेषरूप से दोपहर बाद काफी कम लोग नजर आए, लेकिन पहले की तरह यहां कार्यक्रम निर्धारित रूप से चलता रहा। कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को समर्थन देने के लिए लोग पहुंचे। इनमें किसान अधिक थे। किसानों का कहना है कि वो गेहूं की कटाई और आंदोलन में नियमित रूप से हिस्सा लेने को लेकर तालमेल बना रहे हैं। इसमें परिवार के किसी एक सदस्य को धरना स्थल पर जरूर भेजते हैं।
ठंड में डटे रहे अब गर्मी भी पीछे नहीं हटेंगे
धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता महेंद्र चौहान, स्वामी श्रद्धानंद, ताराचंद, धर्मचंद, राजेश रावत, राजेंद्र, अच्छेलाल, हरप्रसाद, जगदीश रावत, घन्नी ने कहा कि कड़ाके की ठंड में जब किसानों ने खुले आसमान के नीचे रातें गुजार दी तो अब गर्मी में भी डटे रहने का संकल्प किसान ले चुके हैं। किसान नेताओं का कहना है कि गेहूं कटाई को लेकर धरना स्थल पर किसानों की संख्या बेशक कम हो गई है, लेकिन किसानों का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा गेहूं की फसल उठाने के बाद किसान भारी संख्या में धरना स्थल पर एकत्रित होगा और फिर आंदोलन को तेज करेगा।
एमएसपी से कम कीमत पर नहीं बेचेंगे गेहूं की फसल
कोई भी किसान न्यूनत्तम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर गेहूं की फसल नहीं बेचेगा। सरकारी एजेंसिया द्वारा गेहूं की खरीद नहीं करने पर यदि कोई व्यापारी या प्राईवेट कंपनी एमएसपी से कम कीमत पर गेहूं की खरीद करती तो उसे गेंहू नहीं बेचें। इस बारे में तुरंत किसान नेताओं को जानकारी दें और वहीं पर धरना शुरू करें। बुधवार को धरना स्थल पर कसान नेताओं ने किसानों से यह बात की।
किसानों का कहना है कि गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो रही है। जिला में चार सरकारी एंजेसी गेहूं की खरीद करेंगी। गेहूं की खरीद के लिए जिला प्रशासन की तरफ प्रबंध किए गए हैं। किसी किसान को गेंहूं की फसल बेचने में परेशानी है तो टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। गेहूं खरीद केन्द्र और मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए नोडल आफिसर भी नियुक्त किए गए हैं। महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पांच अप्रैल को एफसीआईए गोदामों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
