प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त सरकार होने के लाखों दावे करने के बाद भी आए दिन रिश्वतखोरी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला कैथल में पटवार भवन से आया है। जिसमें एक पटवारी ने एक व्यक्ति से खेवट और रजिस्ट्री का इंतकाल करने के एवज में ₹5000 की रिश्वत मांगी जिसको विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने बताया कि राज्य चौकसी ब्यूरो हरियाणा को सिसला के किसान अमित कुमार ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि वह अपनी कृषि जमीन 7 कनाल 11.64 मरले की रजिस्ट्री का इंतकाल करवाना चाहता था। इसे लेकर वह पटवारी अशोक कुमार से मिला। बार-बार चक्कर कटवाने के बाद जब उसका इंतकाल नहीं किया जिसके बाद उससे पांच हजार की राशि की मांग की। रिश्वत मांगने की सूचना उपायुक्त सुजान सिंह को दी गई तथा आरोपियाें को गिरफ्तार करने के लिए टीम का गठन किया गया।
इस टीम में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया। जैसे ही आरोपी पटवारी व उसके सहायक किरणपाल ने शिकायतकर्ता अमित कुमार से रिश्वत की राशि ली तो टीम ने इशारा मिलते ही दोनों आरोपियाें को नोटाें सहित रंगे हाथों काबू कर लिया। वहीं जैसे ही विजिलेंस रेड की सूचना राजस्व विभाग को मिली तो हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि अशोक कुमार चंदाना गांव का पटवारी था तथा उसे सिसला का अतिरिक्त चार्ज सौपा गया था।
