फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] हजारों लाखों लोग रेलवे से हर दिन से चलते हैं। हर दिन लाखों लोग इसके टिकट की बुकिंग के लिए ऑनलाइन प्रकिया से गुजरते हैं। ऐसे में जरा सावधानी की जररूत है क्योंकि आपकी छोटी सी लापरवाही से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे फरीदाबाद के रहने वाले शख्स के साथ रेलवे के कस्टमर केयर के नंबर खोजने के दौरान ऑनलाइनन धोखा हो गया।
टिकट के रुपये रिफंड कराने के लिए गूगल से रेलवे का कस्टमर केयर नंबर लेकर काल करना पर्वतीय कालोनी निवासी युवक को महंगा पड़ा। वह नंबर साइबर ठगों का निकला। ठगों ने रुपये रिफंड का झांसा देकर युवक के खाते से 2.47 लाख रुपये उड़ा लिए। पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पर्वतीय कालोनी निवासी अरविंद कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। उन्होंने सारन थाना पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने मुंबई से दिल्ली के लिए राजधानी ट्रेन की टिकट कराई थी। किसी कारणवश वे सफर नहीं कर पाए। उन्होंने टिकट रद करा दी। कई दिन तक उनके टिकट के 27 सौ रुपये वापस नहीं आए।
उन्होंने गूगल पर रेलवे का कस्टमर केयर नंबर तलाश किया। वहां एक हेल्पलाइन नंबर मिला। उन्होंने उस पर काल किया। दूसरी तरफ से साइबर ठगों ने अरविंद से कहा कि एक प्रक्रिया करनी होगी, उसके कुछ समय बाद उनके खाते में रुपये आ जाएंगे। अरविंद ठगों के झांसे में आ गए। ठगों ने उनसे कहा कि रेवले की तरफ से एक ओटीपी आपके नंबर पर आएगा, उसे बताना होगा। थोड़ी देर बाद उनके पास ओटीपी आया, जिसे अरविंद ने ठगों को बता दिया। इसके बाद उनके खाते से 2.74 लाख रुपये उड़ा लिए गए। जब खाते से रुपये निकाले जाने का मैसेज मोबाइल पर आया तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक को सूचना देकर अपना खाता फ्रीज कराया। मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस का कहना है कि साइबर थाने की मदद से ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
