फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] रबी की फसल के खरीद के दूसरे दिन शुक्रवार को बल्लभगढ़ की अनाज मंडी में करीब दर्जनभर किसानों का 700 किंवटल गेहूं खरीदा गया, जबकि मोहना मंडी में एक भी किसान का गेहूं नहीं खरीदा गया और फतेहपुर बिल्लौच में किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। इसके अलावा बल्लभगढ़ मंडी में 11 किंवटल सरसों खरीदी गई। इधर, दोनों मंडियों में गेहूं लाने वाले करीब 65 किसानों के पास मैसेज पहुंचे। इतना जरूर है कि फसल लाने वाले किसानों के चेहरे पर संतोष जरूर नजर आ रहा था।
सरकार ने रबी की फसल खरीद करने के लिए एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में ऐलान कर दिया। पलवल जिले में कई मंडियों में समय से खरीद शुरू हो गई, लेकिन जिला फरीदाबाद की पांच मंडियों में खरीद नहीं हुई। किसानेां के पास गुरुवार देर शाम तक मैसेज नहीं पहुंचे थे। इसी कारण किसान मंडी में नहीं पहुंच पाए, ऐसे में किसानों ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनका गेहूं कटे हुए कई दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार का पहले ही दिन मैसेज नहीं पहुंचा।
बल्लभगढ़ अनाज मंडी का दूसरा दिन
बल्लभगढ में मार्केट कमेटी के अधिकारियों के पास शुक्रवार को आईटी सैल हरियाणा की ओर से दूसरे दिन फसल लाने वाले 41 किसानों के मैसेज की लिस्ट भेजी गई। इधर, किसानों के पास भी मैसेज पहुंच गए। दोपहर बाद किसानों ने गेहूं से भरी ट्रोलियों को मंडी में लाना शुरू कर दिया। दोपहर बाद तक करीब दर्जनभर किसान गेहूं से भरी ट्रॉलियां मंडी में लेकर पहुंच गए। दूसरे दिन शुक्रवार को सरकारी एजेंसी हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन ने 721 किंवटल गेहूं और 11 किंवटल सरसों की फसल खरीदी गई।
मोहना अनाज मंडी का दूसरा दिन,नहीं खरीदा गया गेहूं
मोहना अनाज मंडी में गेहूं को लेकर कुछ किसान अवश्य पहुंचे, लेकिन शुक्रवार को हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन ने एक भी दाना नहीं खरीदा।हालांकि क्षेत्र के 24 किसानों के पास फसल मंडी में लाने का मैसेज पहुंच गया था, लेकिन देर शाम तक कुछ ही किसान फसल लेकर मंडी पहुंचे। इधर, फतेहपुरबिल्लौच में देर शाम तक किसानेां की लिस्ट नहीं पहुंची थी, इसी कारण इस मंडी में एक भी किसान मंडी नहीं पहुंचा।
बल्लभगढ़ अनाज मंडी में यह अधिकारी रहे मौजूद
मंडी में रबी की फसल की सरकारी खरीददारी के समय हरियाणा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन की ओर से परचेंज अधिकारी जसवंत सिंह, मार्केट कमेटी के कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव ऋषि कुमार व कमेटी के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
किसानेां की प्रतिक्रिया
जगवीर सिंह, किसान, पृथला : मैसेज मिल गया है, उसके बाद ही गेहूं लेकर मंडी आए हैं।उनका गेहूं सरकारी एजेंसी द्वारा खरीद लिया गया है। दलपत नंबरदार, हरफला: मैसेज मिला तुरंत फसल लेकर मंडी पहुंच गए। गेहूं बिक गया। उसे बेहद राहत मिली है।
बिना मैसेज वाले किसान को बैरंग लौटाया
गांव छपरौला का किसान मेहर चंद शु्क्रवार को अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी पहुंचा था। लेकिन उसके पास मैसेज नहीं आया था। इतना जरूर था कि उसका रजिस्ट्रेशन था। वह पुकारा मारता रहा लेकिन उसका गेहूं नहीं उतरने दिया गया और वह अपनी फसल को लेकर वापिस लौट गया।
