प्रदेशभर में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है। वहीं खरीद के दूसरे ही दिन शुक्रवार को कई विवाद भी सामने आए। जिसके बाद सरकार ने खरीद प्रक्रिया में बदलाव किया है।
बता दें कि अब सरकार ने नया विकल्प दिया है कि 50 प्रतिशत किसानों को सरकार बुलाएगी। 20% किसान, जिनकी फसल पक चुकी है और वे चाहते हैं कि सरकार उनकी फसल पहले खरीदे, वे खुद को रजिस्टर करा सकते हैं, उनको भी टोकन दिया जाएगा। 30% किसान बुलाने का अधिकार आढ़तियों को दिया गया है। वहीं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार को कहा कि फसल खरीद में कोताही पर जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पंजीकृत किसानों को जिस दिन बुलाया जाए तो उसकी फसल तुरंत खरीदी जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 अप्रैल से लगभग 500 केंद्रों पर खरीद शुरू हो चुकी है। इस बार 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं आने का अनुमान है। प्रदेशभर में खरीद के दूसरे दिन करीब 3 हजार गेट पास कटे हैं और मंडियों में 28 हजार टन से अधिक गेहूं की आवक हुई है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एसीएस अनुराग रस्तोगी ने बताया कि अब किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
