पश्चिम बंगाल समेत देश के अलग-अलग हिस्सो में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान मास्क पहनने को अनिवार्य किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है.
कोरोना के बढ़ते केस के बीच चुनाव प्रचार पर अदालत ने संज्ञान लिया है. पश्चिम बंगाल समेत कई प्रदेशों में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान मास्क पहनने को अनिवार्य किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है. केंद्र और चुनाव आयोग से प्रचार के दौरान मास्क को अनिवार्य करने की मांग वाली याचिका पर जवाब मांगा गया है.
दिल्ली ही नहीं पूरे देश में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट बेहद सख्त है. कल हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि गाड़ी में अगर अकेला व्यक्ति है, तो भी उसे मास्क पहनना अनिवार्य है. हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद चुनावी रैलियों में कोरोना नियमों की अनदेखी कर जुट रही भीड़ को लेकर सवाल पूछे जाने लगे थे.
इसको लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें चुनावी रैलियों में मास्क पहनने को अनिवार्य किए जाने की मांग की गई है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस भेजकर पूछा कि क्या रैलियों में मास्क का इस्तेमाल होगा या नहीं और इन रैलियों से कितना संक्रमण बढ़ने का खतरा है.
अब चुनाव आयोग और केंद्र सरकार दोनों को अपना जवाब दाखिल करना होगा कि चुनाव रैलियां जिस तरह से हो रही हैं और भीड़ कोरोना नियमों की अनदेखी कर रही है, इसे देखते हुए क्यों ने मास्क को अनिवार्य कर दिया जाए.
