फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] कोरोना तेजी से फैल रहा है। चार महीने बाद गुरुवार को कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज मिले। जिला प्रशासन की तरफ से भी कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ा दी है। पुलिस भी बिना मास्क वालों के चालान काट रही है, बावजूद इसके लोग कोरोना के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह हाल को कंटेनमेंट जोन का है, जहां लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखने और लोगों को कोरोना के नियमों का पालन करने के निर्देश है। बावजूद इसके लोग लापरवाह है, वहीं सुरक्षा भी सख्त नहीं दिखाई दे रही है। कंटेनमेंट जोन में नाके तो हैं, मगर कई जगह पुलिस नदारद है।
रेहड़ी वालों ने नहीं लगाए हुए मास्क
ग्रीन फील्ड कॉलोनी
समय—01:07 बजे
ग्रीन फील्ड कॉलोनी कोरोना के शुरूआत से ही संक्रमितों की संख्या के लिहाज से हाटस्पाट बनी थी, इसमें आज भी मरीजों की सख्ंया है। इसके चलते जिला प्रशासन ने इसको कंटनेमेंट जोन में शमिल किया हुआ है, बावजूद इसके यहां लोग आसानी से आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि यहां नाके हैं। यहां पुलिस के जवान नहीं है। बाहरी वाहनों व लोगों बिना रोक-टोक के लोग आ जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दिल्ली बदरपुर से सटे ग्रीन फील्ड़ कॉलोनी में दिल्ली से लोगों का आना जाना ज्यादा रहता है जिस कारण ग्रीन फील्ड कॉलोनी इलाके में कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। सब्जी बेचने वाले अपनी रेहड़ी लेकर किसी भी ब्लॉक में आ जा रहे हैं। इन लोगों ने कोई मास्क नहीं लगा रखा था दोपहर के 1:07 बजे ग्रीन फील्ड की सड़क पर वाहनों का ताता दिखाई दिया फोटो शूट करते वक्त कई लोग मास्क लगाते हुए दिखाई दिए।
बेखौफ घूम रहे लोग
स्थान- सेक्टर 28
समय 1:30 बजे
कंटेनमेंट जोन सेक्टर 28 में कोरोना के चलते लगातार कई मरीज मिले इसके बावजूद भी लोग वाहन आते जाते दिखाई दिए। इस दौरान पुलिस का नाका भी खाली दिखाई दिया, यहां पुलिस के जवान नहीं थे। खाली पड़े नाके को देखकर लग रहा था कि आने जाने की छूट मिल गई है कोई रोकने टोकने वाला पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। एक स्कूटी पर तीन छात्र छुट्टी के बाद जाते हुए दिखाई दिए इन छात्रों ने भी मास्क नहीं लगा रखा था रेहेडी पर सब्जी बेच रामखेलावन ने बताया कि हमें तो यही नहीं पता कि कंटेनमेंट जोन में आता है। उन्होंने बताया कि कई लोग मास्क का इस्तेमाल करते हुए दिखाई देते हैं, मगर ज्यादातर लोग इसका पालन करते दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि हालांकि ऐसे भी अनेक ग्राहक मिलते हैं, जो सावधानी बरते हैं और दूर से ही सब्जी खरीदते हैं यानी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं।
पाश इलाके सेक्टर-14 में भी लोग लापरवाह
स्थान-सेक्टर 14
समय- 03:44 बजे
सेक्टर-14 शहर के अति पॉश इलाकों में आता है। स्कूल, बाजार और धार्मिक स्थलों के चलते यहां लोगों की खासी आवाजाही रहती है। यहां कोरोना के संक्रमित मरीज मिलने के चलते इसको कंटनेमेंट जोन घोषित किया है। लेकिन गुरुवार को यहां कोरोना के नियमों का पालन करने को लेकर लोग लापरवाह दिखाई दिए। आइसक्रीम भेज रहे राजीव ने बताया की कंटेनमेंट जोन के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन अधिकांश लोगों भी यहां कोरोना के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह मानो कि जैसे उनके लिए कोई से कोई लेना देना नहीं है। प्रशासन द्वारा यहां सख्ती होनी चाहिए। हालांकि यहां गार्ड रहते हैं लेकिन दिन के समय में यहां कोई भी आ जा सकता है। बहरहाल, प्रशासन की तरफ से यहां कोई नाकेबंदी नहीं दिखाई दी। मुख्य प्रवेश द्वार पर बैठे गार्ड किसी का तापमान भी नहीं जांच रहे थे। सेनेटाइजर का भी बंदोबस्त गेट पर दिखाई नहीं दिया।
बाजार में लोगों ने नहीं लगाए मास्क
स्थान-सेक्टर 15
समय 04:10 बजे
सेक्टर-15 की गलियों में फेरी वालों को देखा जा सकता है, जो बिना मास के सब्जियां फल आदि सामान बेच रहे हैं और सेक्टर 15 की मार्केट में भीड़ को देखा जा सकता है, यहां ना किसी की तापमान की जांच हो रही है और ना ही कोई सैनिटाइजर का कोई प्रयोग कर रहा है। मार्केट में ग्राहक 2 गज की दूरी भी भूल गए। अधिकाशं दुकानदारों ने मास्क भी नहीं लगा रखे थे। पार्किंग में भी खासी भीड़ है। स्ट्रीट वेंडर वाली लाइन में भी काफी लोग आसानी से आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन मास्क का इस्तेमाल करने वालों की संख्या काफी कम है। यहां पार्क और सामुदायिक केंद्र है। इस वजह से भी लोग आते जाते हैं। विशेष बात यह है कि पुलिस चौकी भी आसपास है। दुकानदारों का कहना है कि वे लोगों को काफी जागरूक करते हैं, लेकिन लोग कहने पर तो कुछ सावधानी बरतने की कोशिश करते हैं, मगर कुछ देर बार फिर सामाजिक दूरी भूल जाते हैं।
एनआईटी में भी कोरोना के नियमों को लेकर नहीं गंभीर
स्थान-पांच नंबर एम ब्लॉक
समय 04:35 बजे
पांच नंबर एम ब्लॉक में कई लोग कोरोना संक्रमित हैं इसके चलते इसको प्रशासन ने कंटनेमेंट जोन घोषित किया है। लेकिन यहां सब्जी फल कबाड़ी वाले अन्य फेरीवाले देखे जा सकते हैं ना ही स्थानीय लोग उनको रोकते हैं। पुलिस का यहां नाका दिखाई नहीं दिया। यहां स्थानीय लोगों को देखकर ऐसा लगता है कि कोरोना को लेकर लोग गंभीर नहीं है, क्योंकि काफी लोगों ने मास्क नहीं लगाए हुए थे। निवासी मनीष बताते हैं कि बाहर चलकर आ रहे लोग तो मास्क लगाते ही नहीं है। स्थानीय लोग भी मास्क का कम इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि कई मरीज इस ब्लॉक में है लोगों का कहना है कि फरीदाबाद में भी दिल्ली की तर्ज पर नाईट कर्फ्यू लगना चाहिए जैसे कोरोना बढ़ता जा रहा है इस पर रोकथाम जरूरी है।
आंकडे़
30 कंटेनमेंट जोन
172 माइक्रो कंटेनमेंट जोन
यहां हैं कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटनेमेंट जोन
जिलाधीश ने बुधवार को एक बार फिर कंटेनमेंट जोन की समीक्षा करते हुए इन्हें कंटेनमेंट जोन 26 से बढ़ाकर 30 कर दिया है। इनमें भी करीब 172 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। सेक्टर-21सी 12, सेक्टर-15 में 18, संजय कॉलोनी में 10, सेक्टर-17 में 20, सेक्टर-11 में 10 नए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इनके अलावा एनआईटीमें 10 माइक्त्रो कंटेनमेंट जोन, ग्रीन फील्ड में 14, सेक्टर-सात में 8, सेक्टर-आठ में तीन, सेक्टर-14 में तीन, सेक्टर-16 में सात, सेक्टर-19 में दो, सेक्टर-28 में दो और सेक्टर-49 में दो, डबुआ कॉलोनी में दो, सेक्टर-55 और सेक्टर-29 में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।
