लखनऊ : कोरोना महामारी का प्रकोप बढऩे से राजधानी के कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बेड व वेंटिलेटर न होने से एक तरफ जहां कोरोना मरीज कोविड अस्पतालों में भर्ती व शिफ्ट नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर नॉन कोविड अस्पतालों में भी बेड फुल होने से मरीज सड़क पर पड़े तड़प रहे हैं। बुधवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) का ट्रामा सेंटर भी मरीजों से फुल हो गया। मरीज भर्ती होने के इंतजार में सुबह से शाम तक गेट के बाहर स्ट्रेचर पर पड़े रहे।
रायबरेली निवासी केश बहादुर ने बताया कि उनके पिता सुगर बहादुर सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दो घंटे से उनके पिता स्ट्रेचर पर तड़प रहे हैं। वहीं, हरदोई निवासी नगीना की दुर्घटना में कमर की हड्डी टूट गई है। तीमारदार अमित का कहना है कि कह रहे हैं बेड नहीं है। इसी तरह गोपालगंज से आए मरीज कमलेश यादव भी ट्रामा के बाहर पड़े रहे। केजीएमयू प्रवक्ता सुधीर सिंह ने कहा कि गंभीर मरीजों का प्राथमिकता पर इलाज किया जा रहा है। किसी को वापस नहीं कर रहे।
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