फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से स्कूलों में अगले महीने से होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर फैसला लिया गया है। इसके तहत सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं, जबकि सेकेंडरी कक्षा की परीक्षाएं रद्द की गई हैं। हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं इसके बाद जिले में सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाएं रद्द करने की मांग भी उठ रही है। अभिभावकों का कहना है कि सेकेंडरी की तरह सीनियर सेकेंडरी के बच्चों को लेकर भी चिंता उतनी ही बड़ी है। इसलिए सभी बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रोन्नति देने का फैसला होना चाहिए।
बारहवीं की परीक्षा पर फैसला जून में होगा
आदेशानुसार बोर्ड की ओर से सेकेंडरी कक्षा की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसमें छात्रों के मूल्यांकन के लिए बोर्ड की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे। हालांकि जो छात्र परिणाम से खुश नहीं होंगे, उन्हें स्थिति सामान्य होने के बाद परीक्षा देने की अनुमति भी दी जाएगी। जबकि सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं की परीक्षाएं स्थगित हुई हैं। इसे लेकर एक जून को कोविड संक्रमण के लिहाज से स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद परीक्षाएं आयोजित करने पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, बोर्ड का कहना है कि परीक्षाओं के आयोजन के बारे में 15 दिन पहले सूचना जारी कर दी जाएगी।
अभिभावक खुश, लेकिन असमंजस बरकरार
सीबीएसई के सेकेंडरी की परीक्षा को लेकर लिए गए फैसले से अभिभावक खुश हैं। लेकिन सीनियर सेकेंडरी को लेकर असमंजस बरकरार है। अभिभावकों की मांग हैं कि सभी बोर्ड परीक्षाएं रद्द की जानी चाहिए। वहीं सेकेंडरी के छात्रों को लिए मूल्यांकन किस आधार पर किया जाएगा इसे लेकर भी अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं। अभिभावक चाहतें हैं कि प्रोन्नति के लिए सेकेंडरी में मूल्यांकन, बारहवीं के लिए सत्र दो महीने बढ़ने पर स्कूल फीस और आगे की रणनीति को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
11वीं में मनपसंद स्ट्रीम का चुनाव बनेगा परेशानी
सेकेंडरी के छात्रों को बोर्ड ने बगैर परीक्षा के ही प्रोन्नति देने का फैसला लिया है। इसके चलते स्ट्रीम का चुनाव कैसे होगा ये दुविधा का विषय है। दरअसल, 10वीं कक्षा के बाद 11वीं कक्षा में छात्रों को करियर के लिहाज से आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस में से मनपसंद स्ट्रीम का चुनाव करना होता है। ज्यादातर स्कूलों में संबंधित विषयों में छात्रों के अंकों के आधार पर ही उन्हें स्ट्रीम के चुनाव की इजाजत दी जाती है। लेकिन परीक्षा नहीं होने की स्थिति में छात्रों के लिए आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा कराने के बाद ही उन्हे स्ट्रीम देने की योजना बनाई जा रही है।
20 अप्रैल से होनी हैं हरियाणा बोर्ड परीक्षाएं
प्रदेश में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) नियमित और स्वयंपाठी छात्रों की परीक्षाएं अगले हफ्ते से होनी हैं। सीनियर सेकेंडरी कक्षा की परीक्षाएं 20 अप्रैल से और सेकेंडरी कक्षा की परीक्षा 22 अप्रैल से शुरू होंगी। परीक्षा का समय सुबह 11:30 बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा से 30 मिनट पहले पहुंचना होगा। इस बार ये परीक्षाएं तीन घंटे की बजाय ढाई घंटे की सम्पन्न होगी। परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 2544 परीक्षा केन्द्रों पर करीब 6,67,234 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे।
सोशल मीडिया पर हरियाणा बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग
सीबीएसई की ओर से परीक्षाओं को लेकर लिए गए फैसले के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स पोस्ट और कमेंट्स कर हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं भी रद्द या फिर ऑनलाइन विकल्प के साथ आयोजित करने की अपील करते दिख रहे हैं। प्रशांत ने लिखा कि सर ये पूरा साल महामारी के चलते तमाम तरह की दिक्कतों से भरा हुआ रहा है। बोर्ड परीक्षाएं होनी ही नहीं चाहिए। टीना लिखती हैं कि सर सीबीएसई की तरह हरियाणा बोर्ड को भी छात्रहित में सोचना चाहिए। सागर ने लिखा कि सर अगर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान हमें कोविड हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। सीबीएसई से सबक लें और हरियाणा बोर्ड के छात्रों को भी राहत दें।
मंच ने बोर्ड के फैसले को सराहा
हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने सीबीएसई की ओर से बोर्ड परीक्षाओं को लेकर लिए गए फैसले की प्रशंसा की है। गौरतलब है कि मंच की ओर से इस संबंध में लगातार मांग उठाई जा रही थी। मंच ने दसवीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की परीक्षाएं आगे टाल देने के फैसले का स्वागत करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से हरियाणा बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं भी रद्द करते हुए छात्रों को बगैर परीक्षा 11वीं में प्रमोट करने की मांग की है। वहीं 12वीं की परीक्षाओं को लेकर सीबीएसई बोर्ड की तरह स्थिति ठीक होने पर आगे फैसला लेने की गुहार लगाई है।
प्रतियोगी भावना होगी प्रभावित
सीबीएसई की ओर से लिए गए फैसले का स्वागत करते हैं। लेकिन परीक्षाएं नहीं से छात्रों को काबिलियत दिखाने का मौका नहीं मिलेगा। इससे छात्रों में प्रतियोगिता की भावना भी प्रभावित होती है और होनहार छात्रों को नुकसान होता है। हालांकि, बोर्ड के इस फैसले से पूरी उम्मीद है कि सीबीएसई का परीक्षा परिणाम सुधरेगा। सेकेंडरी के छात्रों को बगैर परीक्षा प्रोन्नति दी जाएगी। जबकि सीनियर सेकंडरी के लिए आगे जून में जैसे भी आदेश होंगे, उसी हिसाब से परीक्षाएं कराई जाएंगी। सीनियर सेकेंडरी के लिए परीक्षाएं होना बेहद जरूरी है।
कोट
सीबीएसई का स्वागत योग्य फैसला
सीबीएसई की ओर से कोरोना संक्रमण के बीच छात्रहित में लिया गया ये फैसला सराहनीय है। इस संबंध में मंच की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही थी। खुशी है कि बोर्ड ने परीक्षाओं से पहले छात्रों और उनके परिवारजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखा है। प्रदेश सरकार से भी मांग है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं भी रद्द की जाएं। बारहवीं की परीक्षाओं पर स्थिति सामान्य होने के बाद फैसला लिया जा सकता है।
कोट
आदेशों के मुताबिक होगा काम
सीबीएसई की ओर से सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी की परीक्षाओं को लेकर लिए गए फैसले के बारे में स्कूलों को सूचना जारी कर दी गई है। हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं 20 अप्रैल से होनी हैं। इसे लेकर स्कूलों में सारी तैयारियां कर ली गई हैं। फिलहाल परीक्षाओं के आयोजनन के ही निर्देश हैं। आगे इस पर जैसे भी आदेश हैं, उसी हिसाब से काम किया जाएगा।
आंकड़े एक नजर में
04 मई से होनी थी सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा
150 करीब है जिले में सीबीएसई स्कूल
01 जून के बाद होगा सीनियर सेकेंडरी परीक्षा पर फैसला
20 अप्रैल से होनी हैं हरियाणा बोर्ड की परीक्षा
