फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] गत वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन के कारण आइसक्रीम कारोबार को बड़ा झटका लगा था। कोरोना का टीका आने से कारोबारियों को इस सीजन में पुराने घाटे की भरपाई की उम्मीद थी। मगर, इस बार भी संक्रमण बढ़ने पर लॉकडाउन के स्थान पर रात्रि कर्फ्यू शुरू हो गया है। इससे शहरी इलाकों में आइसक्रीम का कारोबार गिरने लगा है। कारोबारियों की मानें तो एक सप्ताह के अंदर कारोबार में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। आइसक्रीम कारोबारी अब कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने पर कारोबार में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं।
आइसक्रीम कारोबार का सीजन मुख्यता: अप्रैल से जून माह तक चलता है। इसके बाद आइसक्रीम की बिक्री में कमी आने लगती है। फरवरी और मार्च माह में कोरोना संक्रमण के कम मामले आने की वजह से कारोबारियों के चेहरे चमके हुए थे, लेकिन जैसे ही सीजन शुरू हुआ तो कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे। हालात पर काबू पाने के लिए प्रदेश सरकार ने रात्रि कफ्र्यू लगा दिया है। रात्रि कर्फ्यू को भी कारोबारी अपने कारोबार के लिए संकट के तौर पर देख रहे हैं।
रात में घरों से न निकलने से प्रभावित होने लगा कारोबार: आइसक्रीम कारोबारियों की मानें तो लोग रात को अपने घर में खाना खाकर बाहर टहलने के लिए निकलते हैं। एक तो बढ़ता कोरोना संक्रमण दूसरा रात्रि कर्फ्यू के कारण लोग अब बाहर निकलने में हिचकने लगे हैं। इस कारण आइसक्रीम और कुल्फी की बिक्री कम होने लगी है। वैसे भी वायरस के संक्रमण के डर से लोग ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचने लगते हैं। वहीं रात्रि कर्फ्यू की वजह से होटल-रेस्टोरेंट में आइसक्रीम और कुल्फी की बिक्री पर असर पड़ने लगा है।
स्कूलों के बंद होने से भी कारोबार प्रभावित: आइसक्रीम-कुल्फी का कारोबार स्कूलों पर भी काफी हद तक निर्भर करता है। इन दिनों आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद हैं। वहीं बाकी स्कूली बच्चे भी आइसक्रीम-कुल्फी खाने से हिचक रहे हैं। इस कारण भी आइसक्रीम-कुल्फी के कारोबार में गिरावट है। कारोबारियों को कोरोना संक्रमण की वजह से शादियों के ऑर्डर रद्द होने की भी आशंका होने लगी है। उधर, कोरोना के कम असर की वजह से आइसक्रीम विक्रेताओं की शहर के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में अच्छी बिक्री हो रही है।
‘कोरोना और रात्रि कर्फ्यू की वजह से नुकसान होना शुरू हो गया है। लोग रात के वक्त ही अपने घरों से आइसक्रीम खाने के लिए निकलते हैं। मगर, अब लगातार बढ़ रहे संक्रमण की वजह से लोग घर ही रहना पसंद कर रहे हैं। रात्रि कफ्र्यू का भी असर पड़ना शुरू हो गया है। बिक्री में करीब 50 प्रतिशत की कमी है
सोनू खुराना, ओल्ड फरीदाबाद
‘इस बार आइसक्रीम कारोबार से बड़ी उम्मीद थी। कोरोना संक्रमण में तेजी से पहले अच्छा कारोबार हो रहा था। अब संक्रमण बढ़ने और रात्रि कर्फ्यू की वजह से गिरावट होने लगी है। कोरोना की रफ्तार ऐसे ही रही तो आगे भी नुकसान झेलना पड़ेगा
आजाद, टाउन नंबर-एक बाजार
‘मैं गत वर्ष तक टाउन नंबर-पांच में आइसक्रीम का कारोबार करता था। गत वर्ष कोरोना की वजह से बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस कारण अब तिगांव में कारोबार शिफ्ट कर लिया है। एक सप्ताह पूर्व तक सब बढि़या चल रहा था। मगर, अब 50 प्रतिशत की गिरावट है
पुनीत नागर, तिगांव
‘ गत वर्ष भी कोरोना से बड़ा नुकसान झेलना पड़ा था। अब फिर से कोरोना संक्रमण की वजह से बुरा दौर शुरू हो गया है। रात्रि कर्फ्यू हमारे कारोबार के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। कोरोना संक्रमण से कारोबार में कमी का चुकी है। संक्रमण कम होगा तो हालात बेहतर हो जाएंगे
