फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] स्मार्ट सिटी में निर्माणाधीन करीब तीस किलोमीटर सडकों का निर्माण सरकारी महकमों की मंजूरी नहीं मिलने की वजह से लटक गया है। शुक्रवार को उपायुक्त यशपाल यादव की अध्यक्षता में हुई निर्माणधीन सडकों की समीक्षात्क बैठक में फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी गरिमा मित्तल ने यह चिंता जाहिर की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित महकमों के अधिकारियों को जल्द से जल्द सडकों के निर्माण से जुडी मंजूरी दी जाए ताकि रुके काम को जल्द पूरा किया जा सके। बैठक लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हाल में हुई। जिसमें अन्य सरकारी महकमों के अधिकारी मौजूद थे।
रुकावट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : यशपाल
उपायुक्त यशपाल ने कहा कि शहर में सड़कों के निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट हो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस सड़क के निर्माण में किसी विभाग अथवा एजेंसी से कोई दिक्कत आ रही है उसको लेकर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएं की अपने निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरे करें और -जहां रुकावट आ रही है उसकी एक रिपोर्ट तैयार करें।
सडकों के रूके काम को लेकर बढ रही शिकायतें
उपायुक्त यशपाल ने कहा कि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी के अंतर्गत बनने वाली सड़को के निर्माण में कुछ रुकावट आने की शिकायतें पिछले काफी दिनों से मिल रही थी । इस वजह से कई स्थानों पर सड़कों के निर्माण अधूरे पड़े है और कई स्थानों पर गड्ढे भरने में भी दिक्कत आ रही है । ऐसे में सभी विभागों को निर्देश देने और तालमेल बनाकर कार्य करने के उद्देश्य से यह मीटिंग बुलाई गई है । उन्होंने कहा कि सभी विभाग तालमेल बनाकर कार्य करें ताकि निर्माण कार्यों को समय से पूरा किया जा सके और लोगों को असुविधा का सामना ना करना पड़े ।
तीस किलोमीटर सडकों का काम रुका
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी गरिमा मित्तल ने बताया की शहर में 30.4 किलोमीटर लम्बी सड़को का कार्य निर्माणाधीन है। परन्तु विभिन्न विभागों की अनुमति ना मिलने के कारन काम में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद नगर निगम की 10.28 किलोमीटर, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 10.20 किलोमीटर, अदानी ग्रुप की 8.48 किलोमीटर, बीएसएनएल की 14.08 किलोमीटर, वन विभाग की 4.54 किलोमीटर और सिंचाई विभाग की 0.7 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए मंजूरी नहीं मिल रही है। गरिमा मित्तल ने बताया की इन सभी कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी एवं ज़रूरत पड़ने पर इसे नागरिक स्तर सलाहकार फोरम पर भी लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अगली समीक्षा मीटिंग 3 मई को आयोजित की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह तय सीमा के अंदर निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करें। इसके साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान रखा जाए।
