फरीदाबाद : [पत्रकार प्रमिला ] नवरात्रे के चौथे दिन शुक्रवार को आदिशक्ति दुर्गा मां के चौथे स्वरूप माता कूष्मांडा देवी की पूजा-अर्चना की गई। …ऊं कुष्मांडायै नम: के मंत्रोच्चरण के साथ आदिशक्ति के कूष्मांडा स्वरूप का पूजन विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। अधिकांश श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही हवन करके पूजा की। कुछ श्रद्धालुगण मंदिरों में भी पहुंचे, जहां कोविड नियमों का पालन करते हुए माता के दर्शन कर प्रसाद चढ़ाया। मंदिरों में माता की कृपादृष्टि की कथाएं सुनाते हुए उनका गुणगान किया गया।
सेक्टर-16 में किए जा रहे अनुष्ठान के दौरान ज्योतिषाचार्य पंडित केके शास्त्री ने कहा कि अपने उदर से ब्रह्मांड को उत्पन्न करने वाली माता कूष्मांडा देवी का आशीर्वाद विश्व कल्याण के लिए है। मां कुष्मांडा की आठ भुजाए होने के कारण अष्टभुजा वाली मां कहा जाता है। माता के हाथ में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा दिखाई देती है। माता का वाहन शेर है और इनका निवास सूर्यमंडल है। जवाहर कॉलोनी के श्रीराम मंदिर में देवी मां की विशेष पूजा अर्चना की गई। इस दौरान श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। मंदिर के प्रधान राम जुनेजा ने व्रतधारियों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की। बढ़ते कोविड संक्रमण के कारण कम श्रद्धालु ही मंदिर पहुंचे। तिकोना पार्क के श्रीमहारानी वैष्णों देवी मंदिर, एनएच-पांच स्थित बांके बिहारी मंदिर, धोबी घाट स्थित श्रीमहाकाली सिद्धपीठ मंदिर आदि मंदिरों में दिन में ही अनुष्ठान और चौकियां की गई।
