भिवानी : आज महान क्रांतिकारी तात्या टोपे का बलिदान दिवस है. तात्या टोपे ने ही आजादी के लिए लड़ी जाने वाली पहली लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी. टोपे का नाम उन लोगों में शामिल है, जिन्होंने सबसे पहले अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू किया था।,आज के दिन को पूरे देशभर में बलिदान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। उनके बलिदान दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की ! श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाजपा नेता रीतिक वधवा ,सुनील चौहान ने कहा कि देश में आजादी का बिगुल फूंकने वाले कई बड़े नामों में एक और नाम तात्या टोपे का भी है, जिन्होंने देश में न सिर्फ 1857 में स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी बल्कि पूरे देश में आजादी की चेतना का सूत्रपात किया और गुलामी को अपनी नियती मान चुकी पूरे देश की जनता को यह बताया कि आजादी क्या होती है और उसे हासिल करना कितना जरूरी है। बहुत कम लोगों को मालूम है कि तात्या टोपे का असली नाम रामचंद्र रघुनाथ टोपे था।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे का जन्म 1814 मे मराठी परिवार में हुआ था, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सन् सत्तावन के विद्रोह की शुरुआत मेरठ से हुई थी।जल्दी ही क्रांति की चिन्गारी समूचे उत्तर भारत में फैल गयी। भारतीय जनता ने जबरदस्त संघर्ष किया।

उसने अपने खून से त्याग और बलिदान की अमर गाथा लिखी। उस गौरवशाली इतिहास के मंच से झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहब पेशवा, राव साहब, आदि के विदा हो जाने के बाद करीब एक साल बाद तक तात्या स्वतंत्रता संग्राम की कमान संभाले रहे।तात्या ने भारत के कई हिस्सों में अंग्रेजों के नाक में दम कर दिया और खास बात ये थी कि अंग्रेजी सेना उन्हें पकड़ने में नाकाम रही थी.तात्या ने तकरीबन एक साल तक अंग्रेजों के साथ लंबी लड़ाई लड़ी धोखेे से अंग्रेजों ने पकड़ कर उन्हें उसके बाद 18 अप्रैल को उन्हें फांसी पर लटका दिया गया।उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने उस समय हिन्दुस्तानियो के विद्रोह को दबा दिया था। मगर इसका बीज आजादी का वृक्ष बनकर निकला। इतिहास के पन्नों पर महान क्रांतिकारी तात्या टोपे का नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है !इस अवसर पर श्यामपाल , रमेश चौधरी ,,सतीशकुमार,पंकज शर्मा , डॉ योगेश , संदीप कुमार, विनोद कुमार, अमित कुमार, अनिल कुमार, नवीन शर्मा, गुलशन, जोगेन्द्र, सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ताओं ने देश में आजादी का बिगुल फूंकने वाले तात्या टोपे को उनके बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की !
