हरियाणा के यमुनानगर क्षेत्र में नाबालिग दुष्कर्म की शिकार पीड़िता ने एक लड़के को जन्म दिया है। जन्म के कुछ ही समय बाद नवजात की मौत हो गई। क्योंकि नाबालिगा करीब छब से सात माह की गर्भवती थी। लड़की की कुछ दिनों से हालत बहुत खराब थी, जिससे उसके बचने के आसार बहुत कम थे। इस बीच लड़की की जान को खतरा बना हुआ था।
पुलिस ने नवजात के जन्म लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर एसएफएल भेज दिया है। जिससे दुष्कर्म करने वाले आरोपियों का एनए मैच किया जाएगा। रिपोर्ट के बाद आरोपियों के आरोप तय करने में पुलिस को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में शादीपुर के एक 25 साल के प्रदीप को गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी शादीशुदा है। वह किशोरी को पैसे देकर उससे दुष्कर्म करता था। वहीं पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं चार अन्य आरोपियों ने भी इस मासूम के साथ दुष्कर्म किया था। आरोपियों ने पूरे मामले का खुलासा किया था कि कृष्णा नगर निवासी रीटा उर्फ रिया और उसके पति सोनू किशाेरी को दुष्कर्म कराने के लिए नवाब कॉलोनी निवासी पूजा के घर लेकर जाते थे। पुलिस ने पूजा को भी गिरफ्तार कर लिया था। उनका कहना है कि लड़की की हालत बिगड़ गई थी। बच्चे की डिलीवरी की दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने जब पूछताछ शुरू की तो पुलिस को भी एक चौंकाने वाले मामले का पता लगा। आरोपियों ने बताया कि वह दुष्कर्म करने के दो हजार से लेकर पांच हजार रूपये देते थे। वह उस नाबालिगा को नहीं मिलते थे, बल्कि सोनू और उसकी पत्नी लेते थे। वहीं सोनू और उसकी पत्नी से पूछताछ हुई तो पता लगा कि उन्हें यह भी याद नहीं है कि उन्होंने मासूम को कितने दरिदों के हाथों में सौंपा था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब किशोरी के पिता थाने में शिकायत लेकर पहुंचे और बताया कि वह दुकान पर काम करता है और उसकी पत्नी दूसरों के घरों में काम करती है। उसके दो बच्चे हैं। जिसमें पीड़िता बड़ी 13 वर्षीय बेटी सरकारी स्कूल में छठी कक्षा की छात्रा है। बड़ी बेटी की काफी समय से तबीयत खराब चल रही थी। जिससे उसकी मां वजह पूछी, तब उसने आपबीती बताई। बेटी ने बताया कि उससे चला नहीं जा रहा।
बेटी ने मां को बताया कि जब आप व पिता काम पर चले जाते थे, तब पड़ोस की किराये पर रह रही रिया उर्फ रीटा व उसका पति सोनू उसे बाइक पर घुमाने के बहाने अलग-अलग जगह ले जाते थे, जहां अलग-अलग लड़कों से गलत काम कराया गया। 12 अप्रैल को दिक्कत महसूस होने पर जब बेटी ने रीटा से फोन पर बात की, तब उसने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, मैं दवाई दे दूंगी। साथ ही बेटी को इस बारे किसी को बताने पर माता-पिता को जान से मारने की धमकी भी दी।
इसी डर से बेटी चुप रही और अब दिक्कत होने पर उसकी आपबीती से सारा मामला खुला। बेटी का कहना है कि वह आरोपी दंपती के अलावा गलत काम करने वालों की भी पहचान कर सकती है। इस शिकायत पर पुलिस ने 13 अप्रैल को धारा-342, 372, 376डीए, 506, छह और 16 पोक्सो में केस दर्ज किया था।
NEWS SOURCE FROM : YUVAHARYANA
