फरीदाबाद : हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि निजी व सरकारी अस्पतालों में जाने वाले खांसी, जुकाम, गला दर्द या बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों का कोविड टैस्ट करवाया जाएगा ताकि मरीजों का समुचित उपचार किया जा सके। इसके साथ ही कोविड मामलों की बढोतरी के मद्देनजर राज्य के नागरिक अस्पतालों में सर्जरी को बंद किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आज राज्य स्तरीय कोविड निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इसके साथ ही कुम्भ स्नान से लोटने वाले सभी श्रद्घालुओं का हरियाणा के सभी प्रवेश द्वार पर ही कोरोना टैस्ट करवाया जाएगा ताकि कोरोना से पीडित लोगों का अलग से उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा के बार्डर पर जो किसान धरने पर बैठे हैं, स्वास्थ्य विभाग उनकी कोरोना जांच तथा टीकाकरण करने की पहल करेगा। इसके लिए पहले किसान नेताओं से बातचीत भी की जाएगी। इसके साथ ही शहरी स्थानीय निकाय विभाग को राज्य के सभी शहरों तथा पंचायत विभाग को सभी गांवों को सैनेटाइज करने की जिम्मेदारी दी है।
श्री विज ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के नियमानुसार राज्य में मेलों के आयोजनों पर आगामी आदेशों तक पाबन्दी रखना सुनिश्चित करें तथा सभी धार्मिक, राजनैतिक, सामाजिक तथा पारिवारिक समारोह में इन्डोर 50 तथा आऊटडोर में 200 से अधिक लोगों की भीड़ एकत्र न होने दें। इसके साथ ही लोगों को मास्क लगाने, व्यक्तिगत दूरी बनाए रखने तथा कोरोना कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सख्ती से लागू किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर भी निगरानी समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में लॉकडाऊन नही लगाया जाएगा, इसलिए मजदूर वर्ग पलायन न करे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना के गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘क्रिटिकल कोरोना केयर सैन्टर’ बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आयुष विभाग के चिकित्सकों का नियंत्रण संबंधित जिलों के सिविल सर्जन को दिया गया है ताकि कोरोना मरीजों की देखभाल और अच्छी प्रकार से की जा सके। विभाग द्वारा होम आइसोलेशन की किट तैयार करवाई जा रही है, जिसमें दवाइयां, प्लस ऑक्सिमीटर, कोरोना से बचाव संबंधी साहित्य व अन्य आवश्यक साम्रगी होगी। इन आयुष किटस की सहायता से चिकित्सक घर-घर जाकर कोरोना मरीजों की जांच एवं उपचार करेंगे। प्रदेश में 45086 क्वारंटाईन बैड, 11549 आइसोलेशन बैड में से करीब 89 प्रतिशत बैड खाली हैं, 2131 आईसीयू बैड में से 58 प्रतिशत खाली हैं, 1079 वेन्टीलेटर में से करीब 63 प्रतिशत खाली हैं। उन्होनें कहा कि राज्य में इस समय करीब 42 हजार कोरोना संक्रमित मामले हैं, जिनमें से करीब 30 हजार होम आईसोलेशन में है।
श्री विज ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर की कोई कमी नही है तथा राज्य के सभी अस्पतालों में रेमडेसिविर की आपूर्ति पर्याप्त मात्र में की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 270 एमटी ऑक्सीजन की मात्रा उपलब्ध है, जबकि राज्य में 60 एमटी की खपत हो रही है। इसके साथ ही प्रदेश में सभी ऑक्सीजन प्लांटों पर पुलिस व औषध नियंत्रक प्रशासन को निगरानी रखने के आदेश दिए ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी न हो सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डी एस डेसी ने कहा कि एनसीआर में बढ़ते मामलों पर नियमित तौर पर इस पर निगरानी रखने बल दिया जाए। मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने कहा कि कोरोना मामलों पर जिला अधिकारियों से सम्पर्क रखा जाए तथा तुरन्त निर्णय लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं समिति के सदस्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा ने कहा कि मंत्री जी के आदेशों को पूर्णत: समयबद्घ तरीके से पालन किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होने दी जाएगी।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आपदा प्रबन्धन श्री संजीव कौशल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रम विभाग श्री वी एस कुंडू, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग श्री आलोक निगम, पुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादव, उद्योग एवं वाणिज्य के प्रधान सचिव विजयेन्द्र कुमार, आयुष्मान भारत के सीईओ अमनीत पी कुमार, सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, एचएमएससीएल के प्रबन्धन निदेशक श्री साकेत कुमार, एमडी एनएचएम श्री प्रभजोत सिंह, चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. शालीन, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ वीना सिंह तथा राज्य औषध नियंत्रक श्री नरेन्द्र आहूजा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। #Surgery stopped in civil hospitals of the state in view of increase in Kovid cases in Haryana
चंडीगढ़, 19 अप्रैल- हरियाणा में 1 अप्रैल, 2021 से 396 मंडी / खरीद केन्द्रों पर आरंभ रबी खरीद सीज़न के दौरान आज तक कुल 59.23 लाख टन गेहूँ की आमद मंडियों में हो चुकी है, जिसमें से कुल 48.21 लाख टन गेहूँ की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। आज के दिन 3.19 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 1,87,753 किसानों के 6,77,979 जे-फॉर्म बनाए जा चुके हैं, जिसमें से 18 अप्रैल, 2021 तक 1869 करोड़ रुपये की अदायगी सीधे किसानों के खातों में की जा चुकी है।
प्रवक्ता ने बताया कि सभी सम्बंधित को हिदायतें जारी की गई हैं कि मंडियों में खरीदे गए गेहूँ का उठान दैनिक आधार पर सुनिश्चित किया जाए ताकि मंडियों में गेहूँ जमा न हो और किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई कठिनाई न आए। इसके अतिरिक्त, मंडियों के निरीक्षण के लिए सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटि लगाई है ताकि खरीद कार्य में किसी प्रकार की बाधा न हो।
चंडीगढ़, 19 अप्रैल- किसान को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि फूड प्रोसेसिंग भी अपनाना होगा। फूड प्रोसेसिंग अपनाकर किसान अच्छी-खासी आमदनी ले सकते हैं। इस प्रकार किसान प्रगतिशील सोच को अपनाकर ही आर्थिक खुशहाली की ओर अग्रसर हो सकते हैं ।
यह कहना है प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल का। श्री दलाल का कहना है कि पंजाब व हरियाणा के 75 फीसदी किसानों के पास पांच एकड़ से कम जमीन है और उनमें भी 70 फीसदी से अधिक किसान गेहूं व धान के परंपरागत फसलचक्र में फंसे हुए हैं। इस चक्र के विपरित सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा की भावांतर योजना के तहत सरकार किसानों को सब्जियों के भाव बाजार से कम होने पर भाव के अंतर की भरपाई कर रही है। धान जैसी पानी की अधिक खपत वाली परंपरागत फसल के चक्र से किसानों को मक्का की खेती की ओर बढ़ाने के लिए 7000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानी के ऐसे नए प्रयोगों को बढ़ावा देना चाहती है जिससे किसान की आय वृद्धि के नए तरीके और नए मॉडल विकसित हो सकें। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और तेजी से शहरीकरण-औद्योगिकीकरण के बीच खेती की जमीन का कम होना भी एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि छोटी जोत के किसानों के लिए मधुमक्खी पालन वरदान है। हरियाणा किसान आयोग की 2017 की एक रिपोर्ट मुताबिक राज्य के करीब 5000 गांवों के किसान सालाना 4000 टन शहद उत्पादन कर रहे हैं। सालाना 50 लाख रुपए के शहद का कारोबार करने वाले यमुनानगर के एक छोटे से किसान का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 28 मार्च को 75-वीं ‘मन की बात’ में जिक्र कर देश के किसानों को उद्यमशीलता की ओर बढाने का संदेश दिया है। किसानों को शहद उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग और उपकरणों की खरीद के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। हरियाणा सरकार यमुनानगर में जल्द ही शहद मंडी भी शुरु करेगी।
बॉक्स-कृषि मंत्री का कहना है कि खेत से खाने की थाली तक एक किसान और आखिरी उपभोक्ता के बीच खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरण कंपनियां समेत प्रोसेसर, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टर्स, होल-सेलर्स, रिटेलर्स और रेहड़ी-फड़ी वालों मिलाकर करोड़ों कारोबारी आगे बढ़ रहे हैं तो धरती पुत्र किसान आगे क्यों नहीं बढ़ सकता? उपज के बदले में किसान को लागत पर कुछ कमाई होती है पर प्रोसेसिंग कंपनियां और उनके डीलर्स आखिर उपभोक्ता को बेच कर अधिक मुनाफे में हैं। आलू, टमाटर, मक्का से किसान को लागत पर 30 फीसदी तक कमाई हो सकती है जबकि इन्हीं उपज की चिप्स, चटनी और पॉपकॉर्न के रुप में प्रोसेसिंग करने वाले उद्यमियों का मुनाफा 300 फीसदी तक है। किसानों से 10 रुपए प्रति किलो खरीदा गया आलू चिप्स बनकर आखिरी उपभोक्ता तक 300 रुपए किलो बिक रहा है। उत्पादक (किसान)और उपभोक्ता के बीच की खाई में जो मुनाफा बिचौलिए उद्यमी पा रहे हैं, वह किसान भी कमा सकता है, यदि वह खुद को प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिग के लिए भी तैयार कर ले यह तभी संभव हो सकता है।
श्री दलाल का कहना है कि वे भी एक किसान हैं, बड़े पैमाने पर उन्नत खेती उद्यमशीलता से कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए उद्यमशीलता को अपनाएं। किसान की उपज पर फैले कारोबार से जब सैंकड़ों उद्यमी खासा मुनाफा कमा रहे हैं तो किसान भी परपंरागत खेती से आगे निकल उद्यमी बनने की सोचे । हरियाणा सरकार कृषि उत्पादों पर आधारित ग्रामीण इलाकों में गोदाम, खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग जैसे उद्यमों को विकसित करने पर जोर दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण के ट्रेनिंग सेंटर भी कुरुक्षेत्र,जींद और सिरसा में स्थापित किए गए हैं’।
चंडीगढ़, 19 अप्रैल- हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) ने निरंतर बाधा रहित संचालन के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एचपीजीसीएल के यमुनानगर स्थित ‘दीनबंधु छोटूराम थर्मल पॉवर स्टेशन’ की 300 मेगावॉट यूनिट-1 ने आज 19 अप्रैल, 2021 को निरंतर संचालन के 145 दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह यूनिट चालू वर्ष के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है और इसने मार्च 2021 में 86.32 प्रतिशत का मासिक ‘प्लांट लोड-फैक्टर’ (पीएलएफ) हासिल किया है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पॉवर प्लांटों में से एक है।
बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व एचपीजीसीएल के अध्यक्ष श्री पी.के दास ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चीन के वुहान से कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद भारत और चीन के बीच राजनीतिक परिदृश्य बदला है। इसी को देखते हुए एचपीजीसीएल के इंजीनियरों की क्षमता का निर्माण करने का एक अहम निर्णय लिया गया था ताकि यूनिट का निर्बाध संचालन किया जा सके। इससे एचपीजीसीएल की यूनिटों को बिना तकनीकी खराबी के चलाने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2020 में लॉकडाउन अवधि का उपयोग करते हुए यूनिट के मैंटेनेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
श्री दास ने जानकारी दी कि एचपीजीसीएल की किसी भी यूनिट द्वारा अपनी स्थापना के बाद यह सबसे लंबे समय तक बिना बाधा के निरंतर चलने वाली अवधि (दिन) का रिकॉर्ड बना है। उन्होंने बताया कि ‘न्यूनतम तकनीकी संभावित लोड’ 55 प्रतिशत यानि 165 मेगावाट पर यूनिट चलाने के बावजूद इस ‘दीनबंधु छोटूराम थर्मल पॉवर स्टेशन’ यूनिट ने 8.50 प्रतिशत के एचईआरसी लक्ष्य के विरुद्ध इस अवधि के दौरान 8.01 प्रतिशत की ‘न्यूनतम सहायक बिजली खपत’ के साथ यह रिकॉर्ड हासिल किया है। उन्होंने बताया कि यूनिट-ऑक्जिलरीज को चलाकर इस रिकॉर्ड को हासिल करना संभव बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उक्त अवधि के दौरान तेल की खपत भी शून्य रही। यही नहीं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए स्टेशन की ऑक्जिलरीज-कंजप्शन 8.32 प्रतिशत है जो वर्ष 2008 में ‘दीनबंधु छोटूराम थर्मल पॉवर स्टेशन’ की स्थापना के बाद से आज तक सबसे कम है। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए स्टेशन का पीएलएफ भी 100 प्रतिशत है जो कि यूनिट के चालू होने के बाद से अब तक का रिकॉर्ड प्रदर्शन है।
एचपीजीसीएल की उल्लेखनीय उपलब्धि पर यूनिट के संचालन से जुड़े कर्मचारियों को बधाई देते हुए प्रबंध निदेशक श्री मोहम्मद शाईन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राज्य में चालू गर्मियों के मौसम में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए एचपीजीसीएल के पॉवर स्टेशन पूरी तरह तैयार हैं।
चंडीगढ़, 19 अप्रैल- हरियाणा नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने किफायती आवास (अफोर्डेबल हाउसिंग) नीति के तहत आवेदन प्राप्त करने और फ्लैटों के ऑनलाइन ड्रॉ के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। अब, आवेदक https://edraw.tcpharya.gov.in पोर्टल पर फ्लैटों के आवंटन के लिए अपने आवेदन जमा कर सकेंगे।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस पोर्टल के लॉन्च के साथ ही डेवलपर द्वारा इस योजना की शुरूआत, आवेदनों की जांच, भुगतान, आवेदन जमा करने और फ्लैटों का ड्रा सहित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पूरे सिस्टम में और अधिक पारदर्शिता आएगी।
प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान मैनुअल प्रणाली के संबंध में कुछ शिकायतें थी, क्योंकि इच्छुक आवेदकों को डेवलपर्स से आवेदन खरीदने की आवश्यकता पड़ती थी। हालांकि, डेवलपर्स अपने पसंदीदा आवेदकों को चुनते थे, जिनको आवेदन पत्र वितरित किए जाते थे। कुछ मामलों में, डेवलपर्स द्वारा प्रीमियम पर फ्लैट बेचने की शिकायत भी आ रही थी।
इस तरह की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पूरी प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा अब किफायती आवास परियोजनाओं के लिए फ्लैटों के ड्रा के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है।
चंडीगढ़, 19 अप्रैल- हरियाणा के पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक ने कहा कि एक करोड़ 23 लाख रुपये की अनुमानित लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-148 बी में आने वाले हांसी से बरवाला तथा सुरेवाला चौक से हिसार जिले की सीमा के मार्ग की मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। इसी प्रकार गांव बिठमड़ा में सडक़ मार्ग का सीमेंट-कंक्रीट से नवीनीकरण करवाया जाएगा। इसके बाद इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को काफी सुगमता रहेगी।
सोमवार को हलके के लोगों की जनसमस्याएं सुनने के दौरान उन्होंने यह जानकारी दी। राज्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सडक़ विकास की धुरी होती है। गठबंधन सरकार का लक्ष्य है कि एक गांव से दूसरे गांव को जोडऩे वाले 5-6 करम या इससे चौड़े सभी कच्चे रास्तों को पक्का करवाया जाए। इससे एक ओर जहां किसान सुगमता के साथ अपने खेत खलिहान से फसल को लेकर अनाज मंडी तक पहुंच सकेंगे ,वहीं आमजन को भी आने जाने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उकलाना हलके में करोड़ों रुपए की लागत से अनेक विकास कार्य चल रहे हैं। कई कच्चे रास्तों को पक्का करवाने की सरकार की ओर से मंजूरी दी गई है। इससे पूर्व राज्यमंत्री अनूप धानक गांव भैरी अकबरपुर में जेजेपी कार्यकर्ता सुभाष बिढासरा के पिताजी रामकिशन बिढासरा के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। इस अवसर पर हलका अध्यक्ष अनिल बालकिया, शहरी अध्यक्ष शेर सिंह बतरा,सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे
चंडीगढ, 19 अप्रैल- हरियाणा पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों के साथ डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म ‘फोन-पे’ ऐप के माध्यम से की गई लगभग 1.50 लाख रुपये की जालसाजी को सफलतापूर्वक सुलझाते हुए इस सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज जानकारी देते हुए बताया कि पकडे गए आरोपियों की पहचान फोन-पे कंपनी के कर्मचारी मोहड़ी जिला करनाल निवासी सुशील कुमार तथा सांकरा जिला कैथल निवासी विशाल के रूप में हुई है। आरोपियों से 5000 रुपये की नगदी, 2 मोबाइल फोन व एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस को इस संबंध में कैथल के पेट्रोल पंप संचालक द्वारा मिली शिकायत पर जांच में पता चला कि पंप से तेल तो डलवाया गया लेकिन फोन-पे के माध्यम से किया गया भुगतान पंप मालिक के खाते में नहीं पहुंचा। जालसाजों ने 5 फ्रॉड ट्रांजैक्शन के द्वारा 15000 से अधिक रुपये अपने ही खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे।
आरोपी सुशील फोन-पे कंपनी में कार्यरत है जो कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र जिलों में इच्छुक पेट्रोल पंपों पर फोन-पे क्यूआर कोड लगाने का कार्य करता है। पूछताछ में सुशील ने कबूल किया कि पैट्रोल पंपो पर क्यू आर कोड लगाते समय बैंक अकांउट व मोबाइल नंबर की डिटेल के अतिरिक्त फोन-पे कर्मचारी होने का फायदा उठाते हुए पंप के सेल्समैन को विश्वास में लेकर उनसे ओटीपी हासिल कर लेता था। आरोपियों ने बताया कि अक्टूबर 2020 से अप्रैल 2021 तक करीब 25 बोगस ट्रांजेक्शन दौरान लगभग 1.50 लाख रुपये जालसाजी करके हड़प चुके हैं ।
आरोपी सुशील ने अपनी आटा चक्की के नाम पर एक फोन-पे बिजनैस का खाता खोलकर अपने दो क्यूआर कोड लिए हुए थे। जालसाज पैट्रोल पंप पर जाकर अपने वाहन में तेल डलवाने उपरांत वहां के डिजिटल पेमैंट क्यूआर कोड को स्कैन करने का ढ़ोग रचते हुए अपने फोन में सेव किए गये आटा चक्की के क्यूआर कोड की मार्फत डिजिटल पेमैंट कर देते थे, जिनके साथ पंप पर फोन-पे लगाने उपरांत जालसाजी पूर्वक हासिल किए गये ओटीपी के द्वारा अटैच किए गये पंप प्रबंधक व सेल्समैन के फोन पर पेमैंट हासिल करने का एस.एम.एस. आ जाता, परंतु असल में वह राशि आरोपी सुशील के खाते में ही जमा होती थी।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि कई बार आरोपी सेल्समैन से अपने पास कैश ना होने का अनुरोध करके अपनी बाइक में डलवाए गये तेल मूल्य के अलावा 5000-10000 रुपये की अतिरिक्त पेमेंट फोन-पे के माध्यम से बोगस ट्रांजेक्शन कर देते। जिसके तुरंत बाद सेल्समैन व फिलिंग स्टेशन के पास पहुंचे एसएमएस की मार्फत पुष्टि होने उपरांत सेल्समैन से शेष नकदी वापिस हासिल करके भी पंपों को चूना लगा रहे थे।
पुलिस ने पेट्रोल पंप संचालकों सहित अन्य नागरिकों से आग्रह किया कि डिजिटल ट्रांजैक्शन करते समय सजगता का परिचय दें। किसी भी मामले में अपने मोबाइल फोन पर आए ओटीपी को किसी के साथ कभी भी शेयर ना करें। जागरूकता का परिचय देकर इस प्रकार के जालसाजों से आसानी से बचा जा सकता है।
