पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो व्यक्ति मास्क पहनकर अपने मुंह या नाक को खुला छोड़ते हैं, उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। हाई कोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के निकाय व स्वास्थ्य अधिकारियों के अधिकारियों को लोगो को मास्क पहनना सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक और निजी संस्थानों के प्रमुख अपने कर्मचारियों को उचित शिष्टाचार में मास्क पहनने के लिए जागरूक करेंगे। लापरवाही व खानापूर्ति से मास्क पहनकर मुंह और नाक खुला रखने वालों के लिये दंडात्मक कार्रवाई के कोर्ट ने आदेश दिए। जस्टिस राजन गुप्ता और जस्टिस करमजीत सिंंह की खंडपीठ ने कोविड़-19 स्थिति के बारे में राज्य सरकार की व्यवस्था से संबंधित मुद्दे पर एक याचिका का निपटारा करते हुए ये आदेश पारित किए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान, हरियाणा सरकार के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि कोरोना के लिए उपायुक्त, संबंधित पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में हर जिले में नोडल एजेंसियां बनाई गई हैंं, जिसमें नगर परिषद, नगर निगम के एक प्रतिनिधि और सिविल सर्जन को शामिल किया गया है। यह भी तय किया गया है कि प्रत्येक जिले में सचिव, कानूनी सेवा प्राधिकरण भी उक्त समिति के सदस्य होंगे, क्योंकि उन्हें कोविड-19 स्थिति से उत्पन्न कई शिकायतें मिलती हैं। हाई कोर्ट को यह भी आश्वासन दिया गया कि हर जिले में, संकट के मद्देनजर, यदि आवश्यक हो, तो प्रशासन की बैठक दैनिक आधार पर आयोजित की जाएगी।
