रोहतक : आखिरकार रोहतक पीजीआई मेडिकल में भी आपातकाल लग गया है. हरियाणा के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान ने हाथ खड़े कर दिए है. रोहतक पीजीआई ने देर रात पत्र जारी कर नए मरीज दाखिल करने से मना कर दिया है. ऑक्सीजन की कमी के कारण ये फैसला लिया गया है पीजीआई प्रशासन का कहना है कि दाखिल मरीजों की जिंदगी से वो समझौता नहीं कर सकते फिलहाल ऑक्सीजन सिलेंडर की सपोर्ट से सिस्टम चल रहा है. पीजीआई प्रशासन ने सरकार से तत्काल ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने और 500 सिलेंडर मुहैया कराने की मांग की है. इस समय ट्रॉमा सेंटर में कोरोना के 120 गंभीर मरीज दाखिल है. इसके अलावा अलग-अलग वार्डों में भी 200 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं

हरियाणा में कोरोना से अबतक 3767 लोगों की मौत
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 25 अप्रैल तक कुल 3767 मरीजों की मौत हो चुकी है. इनमें 3202 ऐसे लोग हैं, जो पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे. इनमें हृदय, किडनी, शुगर, बीपी और कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियां हैं. सांस रोग विशेषज्ञों की मानें तो शुरुआत से ही कोरोना गंभीर मरीजों पर भारी है अध्ययन में ये साफ हो गया कि सामान्य व्यक्ति के मुकाबले पहले से ही बीमार व्यक्ति को कोरोना आसानी से लपेटे में लेता है इसलिए ऐसे मरीजों को संक्रमण से बचाना जरूरी है.
ऑक्सीजन की कमी से 8 की मौत
ऑक्सीजन की कमी से हरियाणा में रविवार को आठ कोरोना मरीजों की मौत हो गई. रेवाड़ी के विराट अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि दोपहर ढाई बजे ऑक्सीजन खत्म होने के कारण उपाचाराधीन चार लोगों की मौत हो गई. उधर, गुरुग्राम के खांडसा रोड स्थित कथूरिया अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी से चार लोगों की मौत हो गई. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि प्रशासन से अनुरोध के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा
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