अखिल भारतीय संत एकदम दोलन परिषद एवं गुरु गोरक्षनाथ मानव कल्याण संस्थान हम कपूरथला पंजाब के परमाध्यक्ष महंत कैलाश नाथ हठयोगी ने एक बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड स्थित हरिद्वार कुंभ मेले में कई हजार करोड़ रुपए का बंदरबांट हुआ है केंद्र राज्य सरकार जिला प्रशासन को भलीभांति मालूम था कि कुंभ मेला का भारतीय सनातन संस्कृति में विशेष महत्व है देश-विदेश के साधु संत महंत महामंडलेश्वर अखाड़े भक्तगण राम कृष्ण की धरती को नमन करने के लिए एवं गंगा में गोता लगाने के लिए लाखों करोड़ों की संख्या में पहुंचते हैं करोना संक्रमण महामारी के भयंकर तांडव को देखते जानते हुए भी भावनात्मक श्रद्धा तमक आस्था लेकर हजारों जिंदगियो के साथ धोखा किसने किया इसका जवाब देश और दुनिया जानना चाहती है ? जो साधु संत धर्माचार्य भक्तगण संक्रमित हुए हैं तथा जिन की अकाल मृत्यु हुई है उसका जिम्मेदार कौन है? आस्था भावनात्मक कुंभ मेले को पहले ही सरकार ने प्रतिकात्मक क्यों नहीं बनाया? करोना महामारी संक्रमण फैलने के बाद माननीय प्रधानमंत्री के आदेश पर कुंभ में शाही स्नान को अखाड़ों के साधु संतों के लिए प्रतीकात्मक बना दिया गया जब सबकुछ राम श्याम ईश्वर अल्लाह के भरोसे पर है तो सरकार शासन और शासक का दायित्व क्या है? क्या इसीलिए जनता ने आप को चुना है

महंत ने यह भी कहा कि जिन साधु संतो भक्तों को करोना संक्रमण हुआ हैं या मृत्यु हुई है उनके लिए जिम्मेदार कौन होगा? कुंभ मेले के नाम पर केंद्रीय राज्य सरकार ने जो धनराशि व्यर्थ में खर्च किया है उतने में सैकड़ों ऑक्सीजन प्लांट लग सकते थे एवं देश करोना महामारी से लड़ने की तैयारी कर सकता था आज भी करोना महामारी से निपटने में सरकार असहाय एवं असमर्थ हैं राजनेताओं के दावे यदि सही है तो टीवी न्यूज़ चैनलों पर जो संक्रमित मरीजों व उनके परिवारजनों परिजनों की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं वह सही है या सरकारी कागजी आंकड़े अथवा राजनेताओं के झूठे हैं भ्रामक बयान या जुमले हैं महंत ने केंद्र और राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि देशवासियों की जिंदगी अनमोल है राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से देश समाज चलने वाला नहीं है जिन लोगों के कारण हजारों जिंदगियां गई हैं उन पर हत्या जिम्मेदारी (लापरवाही) का निर्वहन ना करने का मुकदमा चलाया जाना चाहिए, एवम वह अपने पदों से इस्तीफा दे।
