फरीदाबाद : [पत्रकार मिथलेश मिश्रा ] जिलाधीश एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सतेंद्र दूहन ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव के मद्देनजर जिला क्षेत्र में हिदायतों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत जिला में सांय 6 बजे के बाद सभी दुकानें व बाजार बंद कर दिए जाएं। सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक सहित अन्य मंडलीय कार्यक्रम कंटेनमेंट जोन के बाहर तथा कोविड-19 की सभी प्रकार की गाइडलाइन की अनुपालना के साथ, जिसमें सामाजिक दूरी, सभी का मास्क पहनना जरूरी, हाथों की सफाई, सैनेटाइजेंशन, प्रोपर थर्मल स्कैनिंग जैसी सभी गतिविधियां पूर्ण की जाएं।
जिलाधीश ने बताया कि इन कार्यक्रमों के आयोजन पर इंडोर स्थानों पर या हॉल की क्षमता के अनुसार अधिकतम 50 प्रतिशत, लोगों की मंजूरी दी गई है तथा एक छत के नीचे 30 लोग ही मौजूद रह सकते हैं। सिनेमा, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, बार, क्लब, जिम, होटल में भी यही नियम लागू होंगे। इंडोर स्थानों की क्षमता की पहचान शहरी एवं स्थानीय निकाय या संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाएगी, जिसमें कुर्सियों व बैठने अथवा खड़े होने की क्षमता तथा कवर्ड क्षेत्रों की वर्ग गज के अनुसार क्षमता का पता लगाया जाएगा। खुले स्थानों पर एक छत के नीचे 50 लोगों को एकत्रित होने की अनुमति होगी तथा दाह संस्कार के दौरान 20 लोगों को एकत्रित होने की मंंजूरी रहेगी।
धारा 144 लागू
जिलाधीश सतेंद्र दूहन ने बताया कि कोविड-19 को विश्व और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा महामारी के रूप में घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के मामले में काफी बढोतरी के तहत पलवल जिले में कोविड के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय अपनाए जाने अति आवश्यक हैं, ताकि जिला में न्यूनतम क्षति सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधीश ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के रखरखाव के हित में जिला में कोविड-19 वायरस के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करना आवश्यक माना है। इसलिए जिलाधीश सतेंद्र दूहन ने दंड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला पलवल की राजस्व सीमा में जब तक कि विशेष रूप से अनुमति न हो चार से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर सख्ती से रोक लगाई गई है। यह आदेश पुलिस बल और अन्य लोक सेवकों पर ड्यूटी, चिकित्सा उद्योगों, संस्थानों के व्यक्तियों, आवश्यक उत्पादों, सेवाओं से संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
