रोहतक जेल से अच्छी खबर आई है। दो दिन पहले ही यहां रेडियो सेवा शुरू की गई है। जेल में कैदियों को RJ बनाया जा रहा है। 5 को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अगली 5 की सूची में दुष्कर्म और हत्या के मामलों में उम्रकैद के सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह का नाम भी शामिल है। इससे बाबा के अंदर के रॉक स्टार के एक बार फिर जिंदा हो जाने की आस बंधी है।
गांव सुनारियां के पास स्थित रोहतक की जिला जेल इस समय 1016 विचाराधीन और 607 सजायाफ्ता कैदी हैं। इनमें सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह भी एक है, जो पूर्व साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के कत्ल की साजिश में 20 साल के लिए जेल में बंद है। कोरोना काल में कैदी बहुत अवसाद में हैं। सेफ्टी प्रोटोकॉल के चलते यहां मिलाई बंद है। ऐसे में उनके पास टेलीविजन के अलावा इस अकेलेपन को दूर करने का दूसरा कोई साधन नहीं है। इसी अकेलेपन को हरने के लिए जेल में तिनका-तिनका फाउंडेशन की मदद से रेडियो सेवा शुरू की गई है।
जेल के भीतर ही एक स्टूडियो बनाया गया है। मुख्य स्थानों और बैरक के पास स्पीकर लगाए गए हैं। सुबह जेल खुलने के बाद इसे शुरू किया जाता है। कैदियों की ओर से अपने गाने और भजन की फरमाइश की जाती है। इसे आने वाले समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। रेडियो सेवा को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए 5-5 करके कुल 10 कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दिया जाना है। एक टीम की ट्रेनिंग हो चुकी है, वहीं दूसरी सूची में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह का नाम भी शामिल है। हमारे सूत्रों के मुताबिक रेडियो जॉकी के लिए राम रहीम की शिक्षा, शौक व आवाज को ध्यान में रखा गया है। राम रहीम के पुराने अनुभव और भजन गाने के शौक को देखते हुए उसका चयन किया गया है।
इसकी पुष्टि करते हुए जेल अधीक्षक सुनील सांगवान ने कहा कि जेल में रेडियो सेवा शुरू हो गई। इसमें कैदियों की प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा। जेल में 10 कैदियों को उनकी आवाज, शौक और शिक्षा के आधार पर रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें गुरमीत राम रहीम सिंह का नाम भी आया हुआ है। फाउंडेशन की ओर से जल्द ही इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
उधर फाउंडेशन डॉ. वर्तिका नंदा ने बताया कि संस्था की तरफ से कैदियों के अवसाद को खत्म करने के साथ ही उनकी प्रतिभा को निखारने का काम किया जा रहा है। पिछले 3 माह से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। गुरुवार को जेल के महानिदेशक सेल्व राज की ओर से सेवानिवृत्ति के एक दिन पहले ही इसे लॉन्च किया गया है। उनका मानना है कि बाहरी दीन-दुनिया से जोड़े रखने और अवसाद में नहीं जाने देने के रेडियो बड़ा सहारा बन सकता है। आने वाले समय में इस सेवा को कैदियों के हित में और बेहतर किया जाएगा।
news source from : dainikbhaskar
