हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूत करते हुए प्रत्येक उपायुक्त को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिला में एक ऐसे एचसीएस अफसर की नियुक्ति करें जो निम्न कार्यों को सम्पन्न कर सके।एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह ऑफिसर कोविड-19 से संबंधित राज्य सरकार या जिला प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सभी सूचनाएं देता रहे। इसके अलावा, वह अधिकारी उपायुक्त के प्रतिनिधि के तौर पर भी कार्य करे जो सांसद, विधायक, मेयर, पार्षद तथा दूसरे जनप्रतिनिधियों से सूचना ले और महत्वपूर्ण सूचना दे तथा सुझाव भी दे।
चण्डीगढ़ : हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के प्रकोप को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और तेज एवं सुदृढ़ करने के लिए राज्य के सभी उपायुक्तों को तुरंत राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कोविड के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों की जानकारी एकत्रित करने और सभी संबंधितों को उनकी सूचना देने के लिए अपने-अपने जिलों में एक-एक एचसीएस अधिकारी को नामित करने के निर्देश दिये हैं। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार नामित अधिकारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कोविड के संबंध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का स्त्रोत होगा। इसके अतिरिक्त, यह अधिकारी उपायुक्त का प्रतिनिधि होगा, जिसे सभी सांसद / विधायक, महापौर, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने तथा सूचना एवं सुझाव देने के लिए संपर्क कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बी.पी.एल. परिवारों के कोरोना मरीजों के लिए की वित्तीय सहायता की घोषणा
चंडीगढ़, 5 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एक बार फिर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आज बी.पी.एल. परिवारों के होम आईसोलेसन में रहने वाले कोरोना मरीजों को हरियाणा सरकार द्वारा एकमुश्त 5,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री आज यहां डिजिटल प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
क्रमांक-2021
चंडीगढ़, 5 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए समर्पित रूप से काम कर रही है और पिछले आठ दिनों में वह स्वयं कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए 17 जिलों का दौरा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने आज यहां एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति, आईसीयू बेड और ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों से अपील की गई है कि वे मानव जाति की सेवा की भावना से काम करें और संक्रमण से बचाव के तरीकों के बारे में जनता को जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि रेमेडीसविर और टोसीलुइमाब इंजेक्शन के तर्कहीन उपयोग को रोकने के लिए जिलों में सीएमओ की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। निजी अस्पताल इन दवाओं को प्राप्त करने के लिए इस समिति से संपर्क करेंगे और दवाओं के वितरण के लिए अंतिम निर्णय समिति द्वारा ही लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने केंद्र सरकार से 20 हजार रेमिडेसिविर इंजेक्शन की मांग की है, जिनमें से 12,700 इंजेक्शन मिल चुके हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार से 160 टोसीलुइमाब मिल चुके हैं, इनमें से 80 इंजेक्शन निजी अस्पतालों और 80 इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों को दिए गए हैं।
डिस्ट्रेस राशन टोकन को इस बार भी लागू किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी हरियाणा में रहने वाले सभी जरूरतमंद और गरीब परिवारों को प्रति परिवार 5 किलो गेहूं मुफ्त मिलेगा, ताकि इस संकट की घड़ी में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भी सामाजिक संगठनों और अन्य एनजीओ के पुराने और नए लोगों से आग्रह किया गया है कि वे हर गरीब परिवार के घर में मुफ्त राशन के वितरण के लिए आगे आएं। पुराने संगठनों के साथ नए संगठन के लिए पंजीकरण भी शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा सभी बीपीएल और अन्य कार्डधारकों को भी मुफ्त राशन मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि ग्रामीण इलाकों में वायरस का प्रसार हो रहा है, इसलिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक गांव में एक स्क्रीनिंग कैंप स्थापित करें, ताकि किसी को भी कोविड-19 के लक्षण जल्दी से जल्दी पकड़ में आ सकें और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को कुछ लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है ताकि वे लोग इस बीमारी के लिए आवश्यक जागरूकता फैला सकें।
निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ऑक्सीजन आपूर्ति के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी के लिए हरियाणा सचिवालय चंडीगढ़ में एक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया। प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा 156 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 162 मीट्रिक टन किया गया, फिर बढ़ाकर 232 मीट्रिक टन किया, जिसे पुन: बढ़ाकर 257 मीट्रिक टन कर दिया गया है।
प्रदेश में अलग-अलग 5 जगहों – राउरकेला, जमशेदपुर, पानीपत, हिसार और रूडक़ी से लगभग 232 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रतिदिन आ रही है। इंडस्ट्रीयल प्लांट्स को ऑक्सीजन गैस अस्पतालों में उपलब्ध करवाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न 13 जिलों में स्थित कुल 22 प्लांट्स से ऑक्सीजन गैस को सिलैण्डरों में भरकर सप्लाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन बनाने की पीएसए तकनीक आधारित 6 प्लांट फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल, अम्बाला, पंचकूला और हिसार में बनकर तैयार हैं। इनमें से सोनीपत, फरीदाबाद, हिसार व करनाल के प्लांट से ट्रायल उत्पादन शुरू हो गया है तथा शेष 2 प्लांटों से भी उत्पादन जल्द शुरू हो जाएगा।
बिस्तरों की उपलब्धता में तेजी से वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों, सरकारी अस्पतालों व प्राइवेट अस्पतालों में 8566 कोरोना मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर तथा 3828 मरीज वेंटीलेटर/आई.सी.यू. में हैं। इसके अलावा, 22 जिलों में कुल 526 जिला कोविड केंद्र चल रहे हैं, जिनमें 45 हजार 86 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पी.जी.आई रोहतक में 1000 और फरीदाबाद में 200 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे। हिसार में 500 बेड तथा पानीपत रिफाइनरी में भी 500 बेड के अस्पताल जल्द स्थापित होंगे। इन अस्पतालों की 15 मई, 2021 तक चालू किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में मेदांता ग्रुप और मैनकाइंड फार्मा द्वारा क्रमश: 100 बिस्तरों वाला और 70 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
निजी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के लिए दरें निर्धारित की गई हैं
मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों द्वारा किए जा रहे ओवरचार्जिंग के संबंध में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सभी निजी अस्पतालों में बिस्तरों और एम्बुलेंस की दरें निर्धारित की गई हैं। यदि कोई अस्पताल या एम्बुलेंस रोगियों से निर्धारित दरों से अधिक शुल्क लेता है तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा,आमजन की शिकायतों को दूर करने के लिए चौबीस घंटे की हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। साथ ही, राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जन प्रतिनिधियों को भी ऐसे सभी मुद्दों को सुनने और हल करने के लिए कहा गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल और मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार श्री विनोद मेहता उपस्थित थे।
चंडीगढ़ : हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने कहा कि राज्य में दाखिले के संदर्भ में स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को समाप्त करने बारे कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और इसकी अनिवार्यता ज्यों की त्यों बरकरार है।
आज यहां जारी एक बयान में श्री कंवर पाल ने कहा कि एसएलसी के बारे में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के दाखिले के लिए किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में 5 मई, 2021 को एक समाचार-पत्र में खबर छपी है जो बिल्कुल निराधार है। इस खबर में यह भी दावा किया गया है कि 2 सप्ताह के भीतर अगर प्राइवेट स्कूल संचालक एसआरएन नहीं देंगे तो सरकारी स्कूल द्वारा जारी अस्थाई नंबर को ही स्थाई मानकर विद्यार्थी की पढ़ाई शुरू करवा दी जाएगी।
हरियाणा के डीजीपी के सभी सीपी और एसपी को आदेशलॉकडाउन सख्ती से हो लागू
चंडीगढ़ : हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश में लगाए गए लॉकडाउन को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करें। डीजीपी आज पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पुलिस आयुक्तों (सीपी) और जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
राज्य सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन व रात्रि कर्फ्यू को लागू करने सहित रेमेडिसविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कालाबाजारी के खिलाफ अबतक की पुलिस कार्रवाई की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई थी।
डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए 3 मई से पूरे राज्य में 7 दिन का लॉकडाउन लगाया है। इस दौरान बिना किसी वैध कारण के किसी को भी बाहर सडक़ों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक सामग्री वाहनों और ऐसी गतिविधियों में लगे लोगों, ई-पास धारकों, जरूरतमंदों को ही आवाजाही की अनुमति होगी।
बैठक में डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील, एडीजीपी प्रशासन और आईटी ए.एस. चावला, डीआईजी, सतेंद्र कुमार गुप्ता, डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर ओ.पी.नरवाल और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
ऑक्सीजन व रेमेडिसविर की कालाबाजारी में 45 गिरफ्तार,77 सिलेंडर व 101 इंजेक्शन बरामद
चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस द्वारा कोविड-19 के गंभीर रूप के बीच ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलेंडर और रेमेडिसविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामलों में अबतक 21 एफआईआर दर्ज करते हुए कुल 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से 77 ऑक्सीजन सिलेंडर तथा 101 रेमेडिसवीर इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री मनोज यादव ने आज यहां इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोरोनोवायरस के कहर के बीच ऑक्सीजन और कोविड रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटी-वायरल दवा रेमेडिसविर की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ बेईमान व्यक्तियों सहित निजी अस्पतालों के कर्मचारी भी लूट-खसोट में लगे हैं। ऐसे लोग ऑक्सीजन और रेमेडिसविर की कालाबाजारी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 23 अपै्ल 2021 के बाद से हरियाणा के छ: अलग-अलग जिलों में ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी के सिलसिले में कुल 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए 77 ऑक्सीजन सिलेंडर की रिकवरी की गई है। इसी प्रकार, रेमेडिसविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के संबंध में आठ अलग-अलग जिलों में 13 प्राथमिकी दर्ज करते हुए 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से पुलिस ने 101 इंजेक्शन भी बरामद किए हैं।
कालाबाजारी की इन नंबर पर दें सूचना
डीजीपी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रेमेडिसविर इंजेक्शन सहित अन्य जीवन रक्षक दवाओं व ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी की सूचना मोबाइल नंबर 7087089947 और टोल फ्री नंबर 1800-180-1314 पर पुलिस के साथ साझा करें। आरोपियों के खिलाफ कानून अनुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
