काबू होती कोरोना महामारी के इस दौर में मरीजों की सांसों पर आए संकट को टालने के लिए सरकारों की सभी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। ऐसे में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने अब केंद्र सरकार से ऑक्सीजन प्लांटों का नियंत्रण सेना को सौंपने की मांग की है।

अपनी बेबाक राय के लिए पहचाने जाने वाले अनिल विज ने कहा, ऑक्सीजन प्लांट का संचालन और नियंत्रण सुरक्षा और सुचारू कामकाज की दृष्टि से मिलिट्री या पैरा मिलिट्री फोर्स के हवाले कर देना चाहिए क्योंकि प्लांटों में रोज दिक्कतें आ रही हैं। एक प्लांट भी रुक जाता है तो क्षेत्र के सारे लोगों की सांसें रुक जाती हैं।
बता दें कि, आज लोगों को अपना कोरोना टेस्ट कराने से लेकर ऑक्सीजन बेड तक के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। हालात इतने बदतर हैं कि इलाज और ऑक्सीजन के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं।
नूंह में लगेगा पीएम कोष से ऑक्सीजन प्लांट
हरियाणा के नूंह जिले में ‘पीएम केयर्स फंड’ से एक नया ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा तथा इसके लिए मंजूरी दे दी गई है। इस प्लांट से हर रोज लगभग डेढ़ टन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। नूंह जिला उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने बताया कि पूरे देश में ‘पीएम केयर्स फंड’ से 551 ऑक्सीजन प्लांट लगाने का फैसला किया गया है जिनमें से एक नूंह जिले में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक सुरेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने अलाफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा में प्लांट के लिए जगह का निरीक्षण भी किया है। इस प्लांट से जून माह के पहले हफ्ते से ऑक्सीजन उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्लांट से नूंह जिले को प्रति दिन 1.50 टन ऑक्सीजन गैस उपलब्ध हो सकेगी जो 100 मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त होगी।
खट्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जांच बढ़ाने का निर्देश दिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को उपायुक्तों को वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 जांच बढ़ाने और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के प्रयासों को बढ़ाने का निर्देश दिया। एक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि गांवों में विशेष जांच शिविर लगाए जाने चाहिए ताकि कोविड-19 लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति का इलाज जल्दी हो सके और संक्रमण के फैलने की संभावना को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का तेजी से पता लगाए जाने के साथ बेहतर जांच क्षमता संक्रमण दर को कम करने की कुंजी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने और स्वास्थ्य जांच तथा जागरूकता शिविर आयोजित करने पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति और आईसीयू तथा ऑक्सीजन से लैस बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान दैनिक ऑक्सीजन भंडार 257 मीट्रिक टन है, और केंद्र सरकार से इसे 300 मीट्रिक टन तक बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।
हरियाणा में 14,840 नए मामले, 177 मरीजों की मौत
हरियाणा में गुरुवार को कोविड-19 से 177 मरीजों की मौत के साथ ही महामारी से जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 5,137 तक पहुंच गया, जबकि इस दौरान संक्रमण के कुल 14,840 नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग ने अपने बुलेटिन में बताया कि राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या अब बढ़कर 5,73,815 हो गई है।
बुलेटिन के मुताबिक, रोहतक में सबसे ज्यादा 23 मरीजों की जान गई जबकि हिसार में 22, फतेहाबाद में 19, गुरुग्राम में 13, भिवानी और जींद में 11-11 तथा फरीदाबाद, करनाल और कैथल में नौ -नौ मरीजों की जान गई। प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा 3,737 नए मामले गुरुग्राम में मिले जबकि फरीदाबाद में 1,537, सोनीपत में 1,046, हिसार में 1,193, करनाल में 621, सिरसा में 607, पानीपत में 792 और महेंद्रगढ़ में 1,083 मरीज मिले। राज्य में एक्टिव मामलों की कुल संख्या 1,15,842 है।
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