फरीदाबाद : एक ओर जहां कोरोना लोगों के जीवन पर भारी पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर छोटे निजी अस्पतालों ने इलाज के नाम पर लूट मचा रखी है। ऐसी शिकायतें मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने दो निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलने का कारण पूछा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि उचित जवाब नहीं मिला तो ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने जो मानक तय कर रखे हैं उसी अनुसार इलाज करना होगा।
सेक्टर-10 के रहने वाले सीनियर सिटीजन वीके शर्मा ने सीएमओ को दी शिकायत में कहा है कि उनका बेटा क्षितिज भारद्वाज कोरोना संक्रमित हो गया। 25 अप्रैल को उसे बल्लभगढ़ स्थित जैनिथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने उसे वेंटिलेटर पर रखा है। इसके बदले अस्पताल प्रबंधन रोज के 70 हजार रुपए वसूल कर रहा है।
अभी तक अस्पताल ने 523900 रुपए वसूल चुका है। लेकिन बेटे के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ है। पीड़ित शर्मा ने सीएमओ को बताया कि इतना पैसा जमा करने के बाद भी अस्पताल बेटे का सीटी स्कैन, आक्सीजन, दवाइयां आदि बाहर से मंगा रहा है। अस्पताल की प्रताड़ना से परेशान होकर वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर है। उन्होंने डीसी को शिकायत की कापी देते हुए अवैध रूप से वसूले गए पैसों को वापस दिलाने की मांग की है।
