जावित्री एक ऐसा मसाला है जो लगभग हर भारतीय किचन में आपको आसानी से मिल जाएगी. जायफल और जावित्री दोनों मायरिस्टिका फ्रैगरैंस नामक पेड़ से मिलते हैं. हालांकि, कई बार लोग जायफल और जावित्री दोनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. जायफल इस पेड़ का बीज होता है और इसे ढकने वाली रेशेदार परत को जावित्री कहा जाता है. जावित्री का वैज्ञानिक नाम मायरिस्टिका फ्रैगरैंस और अंग्रेजी नाम मेस है. इसका कलर हल्का पीला, नारंगी या सुनहरा होता है. जावित्री न सिर्फ स्वाद बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. जावित्री मे औषधीय गुण पाए जाते हैं. आपको बता दें कि जावित्री में मिनरल्स, मैग्नीशियम, कैल्शियम, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-कैंसर और एंटीडायबिटिक गुण पाए जाते हैं. इतना ही नहीं, पाचन और लीवर को हेल्दी रखने में भी मददगार है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाया जाता है जो सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है तो चलिए आज हम आपको जावित्री के फायदों के बारे में बताते हैं.
जावित्री मसाले को किडनी के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. ये किडनी में मौजूद पथरी को गलाने में मददगार है. पथरी के अलावा ये किडनी को कई तरह के इंफेक्शन से भी बचाने में मदद कर सकती है.
2. पाचन :
जावित्री में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. इतना ही नहीं ये पेट गैस के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. जावित्री के सेवन से पाचन तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है
जावित्री में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं. Photo Credit: iStock
3. वजन बढ़ाने :
अगर आप दुबलेपन से परेशान हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो जावित्री आपके लिए फायदेमंद हो सकती है. दरअसल जावित्री में जिंक होता है जो भूख बढ़ाने में मदद करता है. जावित्री के सेवन से भूख अधिक लगती है जिससे वजन को आसानी से बढ़ाया जा सकता है
4. कैंसर :
एक अध्ययन के मुताबिक कैंसर से बचाव में जावित्री का सेवन बेहद अहम रोल निभा सकता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, फ्री रेडिकल से रक्षा करते हैं और कैंसर से बचाने में मदद कर सकते हैं
5. अर्थराइटिस :
अर्थराइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद है जावित्री का सेवन. जावित्री में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. यह सूजन की वजह से जोड़ों में होने वाली समस्या को दूर करने में मदद कर सकती है
6. त्वचा :
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए जावित्री का सेवन कर सकते हैं. दरअसल जावित्री में मौजूद मैक्लिग्नन त्वचा को सूरज के हानिकारक किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकती है
