फरीदाबाद : [मिथलेश मिश्रा ] कोरोना महामारी के चलते बढ़ते लॉक डाउन की अवधि से कारोबारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट बना हुआ है। बढ़ते लॉक डाउन से मध्यवर्गीय कारोबारी बेहाल है। रेडिमेट कपड़ा, जूता विक्रेता,बर्तन मार्केट, ऑटो मार्केट समेत कई इस तरह के कारोबार हैं, जिनसे जुड़े दुकानदार इस समय हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। इससे वे उल्टा कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। कारोबारियों की मानें तो लॉक डाउन के बावजूद 60 फीसदी दुकानें बाजारों में नियमों की अनेदखी कर खुली हुई है। ऐसे में जो दुकानदार आदेशों का पालन करते हुए दुकानें बंद किए हुए बैठे हुए हैं, उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उनके ग्राहक भी टूट रहे हैं और आमदनी का जरिया भी पूरी तरह बंद है।
लॉक डाउन लगाए जाने के साथ ही बाजार में काफी दुकानें शुरू से ही बंद हैं, जबकि कुछ दुकानदारों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अपनी दुकानें खोली हुई हैं। उद्योग चल रहे हैं, इसे लेकर उनसे जुड़ी काफी हद तक दुकानें बिना अनुमति के बाजार में खोली हुई है। इससे नियमों का पालन करने वाले दुकानदार परेशान हैं। लॉकडाउन की वजह से काम ठप हो गया। जबकि उनके खर्चे बरकार है। शासन व प्रशासन की ओर से मध्यवर्गीय दुकानदारों को न तो किसी तरह की बिजली बिलों में छूट दी है और न ही किसी टैक्सी की अदायगी में। ऐसे में कारोबारी आर्थिक दिक्कतों से जूझने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि आज मात्र 40 फीसदी दुकानें ऐसी हैं, जो सरकार के आदेशों की पालना करते हुए दुकानें बंद की हुई है, लेकिन यह समाधान नहीं। सरकार को चाहिए कि सप्ताह में 5 दिन सभी दुकानों को खोली जाने की अनुमति दी जाए तथा शनिवार व रविवार को पूर्ण रूप से सभी क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया जाए, ताकि इस कोरोना महामारी को हराया जा सके।
सम-विषम नीति लागू करके खोली जाएं दुकानें
कारोबारियों का कहना है कि वे कोरोना महामारी से बचाव को लेकर सरकार के साथ हैं। हर तरह से वे सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर अन्य नियमों का पालन भी कर रहे हैं। लेकिन लॉक डाउन में इस तरह की व्यवस्था की जाए, जो छोटे व मध्यमवर्गीय दुकानदार भी अपना पेट पाल सकें। इसके लिए सरकार को चाहिए कि पहले की तरह सम-विषम नीति लागू करके बाजार में दुकानें खोलने की अनुमति दी जाए। इससे न तो बाजार में भीड़ रहेगी और न ही सोशल डिस्टेंसिंग की किसी तरह से अनदेखी होगी। आज बाजार में चोरी छिपे जो दुकानें नियमों की अनदेखी करके खोली जा रही हैं,इससे सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इससे बेहतर है कि सख्ती से साथ लॉक डाउन का पालन कराया जाए।
प्रशासन से लगा चुके हैं कई बार गुहार
फरीदाबाद मार्किट एसोसिएशन के बैनर तले कारोबारी कई बार जिला प्रशासन से सभी दुकानों को सीमित समय के लिए खोलने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर कोई विचार नहीं किया है। उनका मानना है कि इनसे जहां लॉक डाउन का पूरी तरह पालन हो सकेगा, वहीं सभी दुकानदारों और लोगों को भी राहत मिलेगी। दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट काफी हद तक सुलझ जाएगा। जो भी समय अवधि होगी उसके बाद तत्काल सभी दुकानों को बंद करवा दिया जाए, ताकि बाजार में लोगों की दिन भर भीड़ जुटी ना रहे।
बंद पड़ी दुकानों का भी देना पड़ रहा है किराया
बल्लभगढ़ के बाजार का हम जिक्र करें तो यहां काफी संख्या में ऐसे दुकानदार हैं, जिन्होंने किराए पर दुकानें खोली हुई हैं। ऐसे में उन्हें बंद दुकानों का किराया देना पड़ रहा है। रेडिमेट कपड़ा विक्रेता गोपाल ने बताया कि लॉक डाउन होने के साथ ही तिगांव रोड पर उसकी दुकान बंद है। दुकान बंद होने से उसे एक ओर घर खर्च व बच्चों की पढाई का खर्चा चलाना मुश्किल हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर हर महीना किराया मांग लिया जाता है। इसी तरह काफी संख्या में दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने प्रशासन से राहत दिलाए जाने की मांग की है।
बल्लभगढ़ के बाजार में 60 फीसदी दुकानें खुली हैं, जबकि केवल 40 फीसदी दुकानें उनकी बंद हैं। इससे सोशल डिस्टेंसिंगकी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आखिर ऐसे लॉक डाउन से भला कैसे कोरोना की चैन टूट पाएगी,यह अपने आप में सवाल है। इसलिए सरकार को सम-विषम या सप्ताह में 5 दिन दुकानें खुले और 2 दिन शनिवार-रविवार पूर्ण रूप से कर्फ्यु लगाया जाए।
-प्रेम खट्टर, प्रधान,बल्लभगढ़, हरियाणा व्यापार मंडल
इस तरह लॉकडाउन का कोई फायदा नहीं। कुछ दुकानें बंद हैं, ज्यादातार खुली हुई हैं। शासन व प्रशासन को तुरंत इस दिशा में सोचने की जरूरत है। लॉक डाउन में दुकानों को निर्धारित समय के लिए खोला जाए, इसके बाद पूर्ण रूप से लॉक डाउन का पालन कराया जाए। इसके बाद ही लॉक डाउन लगाए जाने का फायदा हो सकेगा।
-राम जुनेजा,प्रधान,भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
फरीदाबाद व बल्लभगढ़ में आज भी बिना अनुमति काफी संख्या में ऑटो मैकेनिक की दुकानें खुली हुई हैं। जबकि कुछ दुकानदार अपनी दुकानों को बंद किए हुए बैठे हुए हैं। इसलिए शासन व प्रशासन को चाहिए कि सम-विषम या दाएं-बाएं दिशा की नीति को कारगर बनाते हुए ऑटो मार्केट को खोले जाने की अनुमति दी जाए।
-देवेंद्र रतड़ा,अध्यक्ष,तिकौना पार्क मार्केट
प्रशासन को इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। इस लॉक डाउन से दुकानदारों के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उसके बावजूद इनकी कोई सुध नहीं ले रहा। लॉकडाऊन की इस अवधि में एक सीमित समय के लिए सभी दुकानों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि दुकानदारों का नुकसान न हो।
