
हरियाणा : हरियाणा के हिसार जिले के मसूदपुर गांव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि वो सरकार के द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का पालन नहीं करेंगे। साथ ही कोरोना टेस्ट भी नहीं कराएंगे।ग्रामीणों का कहना है कि जब बंगाल में चुनाव हो सकते हैं और हिसार में सीएम कार्यक्रम कर सकते हैं। तो कोरोना कहां है। कोरोना वरोना कुछ नहीं है। कोरोना की आड़ में किसान आंदोलन को खत्म करने की योजना बनायी जा रही है।बता दें कि कोरोना महामारी गांव दर गांव फैलती जा रही है और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, वहीं हांसी के मसूदपुर गांव में ग्रामीणों ने अजीब फरमान जारी करते हुए कोरोना को लेकर सरकारी सेवाओं का बहिष्कार करने का निर्णय किया है। ग्रामीणों ने सर्वजातीय पंचायत के दौरान ये ऐलान किया कि वह गांव में किसी डाक्टर व पुलिस कर्मी को घुसने नहीं देंगे। वहीं अब मामला सामने आते ही प्रशासन कार्रवाई के लिए अलर्ट हो गया है। साथ ही पंचायत करने वाले ग्रामीण अपने फैसले के बारे में कोई जानकारी देने से बचते भी नजर आ रहे है।
मिली जानकारी के मुताबिक गांव में पंचायत का आयोजन किया गया जिसमें भारी संख्या में ग्रामीण लॉकडाउन व शारीरिक दूरी के नियम को तोड़ते हुए एकत्र हुए। सूचना तो ये भी है कि सरपंच प्रतिनिधि भी पंचायत में मौजूद था व खाप नेता भी इस पंचायत में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि कोरोना महामारी कुछ नहीं है ये केवल सरकार जानबूझकर प्रचार कर रही है ताकि किसान आन्दोलन को खत्म किया जा सके।इस अतरंगी फैसले के चलते ग्रामीणों ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बना अस्थायी कोरोना वार्ड भी हटा दिया है। जानकारी तो ये भी मिली है कि इनके द्वारा 48 मेम्बर्स की एक कमेटी तैयार की गई है जिसमे हर रोज 17 से 18 लोग गांव के बस स्टैंड पर ड्यूटी देंगे। साथ ही दुकानों को बंद नही किया जाएगा। किसी पुलिस कर्मी को कोरोना ड्यूटी के लिए गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा, और ना ही गांव में डॉक्टरों व अऩ्य टीमों को आने दिया जाएगा। अगर प्रशासन ने ऐसा करने का प्रयास किया तो वह खुद जिम्मेदार होगा।इसी के चलते गांव के बाहर बैनर लगा कर प्रशासन व हरियाणा सरकार का विरोध किया जाएगा। इस भयमारी का सभी ग्रामवासियों से डटकर मुकाबला करने व भयमुक्त माहौल बनाने की अपील की गयी व अन्य भी कई फैसले लिये गए।
