ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले वह  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिले। इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। वह यहां शाह से साथ ही पहुंचे थे।

इससे पहले दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाया कि कथित तौर पर जिस विमान से कांग्रेस के विधायक बेंगलुरु पहुंचे उसकी व्यवस्था भाजपा ने की थी। यह मध्य प्रदेश के लोगों के जनादेश को उलटने की साजिश का हिस्सा है। कमलनाथ ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे डरकर भाजपा ऐसा कर रही है। उधर कांग्रेस नेता भोपाल में सीएम कमलनाथ के आवास पर बैठक कर रहे हैं। यहां कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, बाला बच्चन, सज्जन सिंह वर्मा, सुरेंद्र सिंह बघेल समेत अन्य लोग मौजूद हैं।

MP Political Crisis LIVE Updates

भाजपा सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है

भाजपा सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह केंद्रीय मंत्री भी बन सकते हैं। वहीं भोपाल में भाजपा कार्यालय में बैठक जारी। यहां शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और विनय सहस्त्रबाहु सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित है।

इससे पहले सिंधिया दिल्ली में अपने आवास से खुद गाड़ी लेकर निकले। मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश भी की, पर कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक कमलनाथ सरकार के रवैये से बेहद नाराज हैं। बता दें कि आज पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की 10 मार्च को 75वीं जयंती है।

सोनिया गांधी ने आपात बैठक बुलाई

कमलनाथ सरकार को संकट में देख सोनिया गांधी ने आपात बैठक बुलाई है। दैनिक जागरण के सहयोगी अखबार नई दुनिया के अनुसार कांग्रेस सरकार को बड़ा इटका लग सकता है। जानकारी के अनुसार मालवा-निमाड़ के 5 विधायक सुबह गुजरात के रास्ते दिल्ली पहुंचे हैं। सभी विधायक सिंधिया खेमे के हैं। एक निर्दलीय विधायक भी लापता बताया जा रहा है। ऐसे में 25 विधायकों के गायब होने की आशंका है।

ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा दे सकते हैं सिंधिया समर्थक विधायक

दैनिक जागरण के सहयोगी अखबार नई दुनिया के अनुसार इस बीट यह खबर है कि सिंधिया समर्थक विधायक, जो बेंगलुरु में है वो ई-मेल के जरिए अपना इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर वो भोपाल आकर इस्तीफा देंगे।

यह कांग्रेस का आंतरिक मामला- शिवराज

आज सुबह भोपाल पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमने पहले दिन कहा था कि हमें सरकार गिराने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

सिंधिया का भाजपा में दिल से स्वागत

भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में सभी का दिल से स्वागत है। हम जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी शामिल करते हैं, सिंधिया जी बहुत बड़े नेता हैं, उनका निश्चित रूप से स्वागत है। उन्होंने विधायकों के बेंगलुरु पहुंच जाने पर कहा कि दुश्मनों के खाकर दोस्तों के शहर में उनको किस-किस ने मारा कहानी फिर कभी।

जो सही कांग्रेसी है वह कांग्रेस में रहेगा- दिग्विजय

इससे पहले दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो सही कांग्रेसी है वह कांग्रेस में रहेगा। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी के कारण कमलनाथ सरकार संकट में आ गई है। सिंधिया को लेकर दिग्विजय ने कहा कि उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कहा जा रहा है कि वे स्वाइन फ्लू से पीड़ित हैं। ऐसे में उनसे संपर्क नहीं हो सका।

 

सिंधिया के दम पर भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता पलटने की तैयारी में

बता दें कि सिंधिया के दम पर भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता पलटने की तैयारी में है। सिंधिया समर्थक 17 मंत्री-विधायकों का सोमवार को बेंगलुरु पहुंच जाना इसी ओर इशारा कर रहा है। प्रदेश के खुफिया सूत्रों ने भी एक-दो दिन में बड़े बदलाव की बात कही है। इस बीच करीब 20 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को देर रात इस्तीफे सौंप दिए।

भाजपा ने अपने विधायकों को भोपाल बुलाया

उधर, भाजपा ने अपने विधायकों को भोपाल बुला लिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी देर रात दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमलनाथ और सिंधिया दोनों से कहा था कि वे अपने विवाद सुलझा लें। उन्होंने सिंधिया को मनाने के लिए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को बातचीत करने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। पायलट ने सिंधिया से दो दौर की बात भी की थी, लेकिन सिंधिया अपनी उपेक्षा से इतने नाराज थे कि वह नहीं माने।

क्यों मचा बवाल

बताया जाता है कि कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिंधिया की शिकायत की थी। ऐसे में सिंधिया भी हाईकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए दो दिनों से सोनिया गांधी से मिलने का वक्त मांग रहे थे, पर उन्हें मुलाकात का मौका नहीं मिला। ऐसे में रविवार को ही सिंधिया को इस बात का आभास हो गया कि राज्यसभा का टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है। इसके बाद सिंधिया कैंप में खलबली मची और सारी रात चली सियासत के बाद अंतत: सिंधिया ने कांग्रेस से दूरी बनाने के लिए अपने समर्थकों को दिल्ली तलब कर लिया।

सिंधिया के गुस्से का उबाल एक दिन का घटनाक्रम नहीं

सोमवार सुबह होते-होते सारे समर्थक दिल्ली में एकत्र हो गए और शाम को सभी ने चार्टर्ड फ्लाइट से बेंगलुरु के लिए उड़ान भर दी। बताया जाता है कि सिंधिया के गुस्से का उबाल एक दिन का घटनाक्रम नहीं है। इसे परवान चढ़ने में पूरे 20 दिन लगे है। तीन सप्ताह से वह संगठन को इस बारे में लगातार संकेत दे रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। आखिर उन्होंने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर दिया। देर रात शाह के निवास पर बैठकसोमवार देर रात अमित शाह के निवास पर भाजपा नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सिंधिया की भाजपा में संभावना और भूमिका पर विचार किया गया।

शाम सात बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक अहम

सिंधिया मंगलवार को दिल्ली में ही अथवा भोपाल में शाम सात बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। सिंधिया को भाजपा ने राज्यसभा सदस्य के साथ केंद्रीय मंत्री बनाने का भरोसा दिया है। हालांकि, इसकी कोई भी सूत्र पुष्टि नहीं कर रहा है।

राज्य की दलीय स्थिति

मप्र विस की कुल सीटें-230-दो सीटें रिक्त, प्रभावी संख्या 228-अभी बहुमत का आंकड़ा 115। सत्तापक्ष- कांग्रेस 114,निर्दलीय- 04,बसपा- 02, सपा-01(इन्हें मिलाकर कांग्रेस के पास फिलहाल 121 विधायक हैं।) विपक्षी भाजपा 107-17 विधायकों के पाला बदलकर इस्तीफा देने पर कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी।17 विधायकों के इस्तीफे के बाद ऐसा होगा गणित-विस की प्रभावी संख्या होगी 211-बहुमत के लिए जरूरी होंगे 106-चार निर्दलीय विधायकों ने भाजपा का साथ दिया तो भाजपा का आंकड़ा 111 -यानी बहुमत से पांच ज्यादा।

20 मंत्रियों ने सौंपे इस्तीफे

सोमवार रात कमलनाथ कैबिनेट की आपात बैठक में 20 मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से मंत्रिमंडल का नए सिरे से गठन करने का आग्रह किया है। मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने यह जानकारी दी।

भाजपा विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती

उठापटक के बीच भाजपा पर अब अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। पार्टी के आपदा प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खासतौर पर कमजोर कडि़यों पर नजर रखी जा रही है। दरअसल, भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने जिस तरह अपनी निष्ठा बदली उसे देखकर पार्टी अब ज्यादा सतर्कता बरत रही है।

कांग्रेस की ओर से सिंधिया से पेशकश

कांग्रेस सरकार को बचाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित पूरी पार्टी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। पार्टी ने सिंधिया समर्थक मंत्री उमंग सिंघार को आगे बढ़ाया है। वे सिंधिया को मनाने की कोशिश कर हैं। उमंग से सिंधिया का संपर्क भी हो गया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक उमंग के जरिये सिंधिया को निम्न तीन तरह के प्रस्ताव भेजे गए हैं। एक राज्सयभा सदस्य के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद और उनके कोटे से कैबिनेट में तीन-चार और मंत्रियों को शामिल करने का भरोसा दिलाया जा रहा है।

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.