
पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले कांग्रेसी विधायकों द्वारा एक महत्वपूर्ण पत्र हरियाणा विधानसभा स्पीकर को लिखा गया है। जिसमें उन्हें बोलने के लिए कम समय मिलने पर एतराज जताते हुए समान अधिकार देने की बात कही गई है। इस पत्र कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष को भले ही अधिक समय बोलने के लिए दें, लेकिन विधानसभा में सभी 90 विधायक एक समान होते हैं और सभी की जवाबदेही अपने विधानसभा क्षेत्र और वहां की जनता के प्रति बराबर होती है। इस महत्वपूर्ण विषय पर फरीदाबाद एनआईटी 86 से पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बने नीरज शर्मा से बातचीत की गई।
उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनके समेत सुरेंद्र पवार, अमित सिहाग, इंदु राज नरवाल, वरुण चौधरी, कुलदीप वत्स, शैली चौधरी, शीशपाल केहरवाला, शमशेर गोगी, चिरंजीव राव, मामन खान, बलबीर इसराना ने एक बैठक की थी। क्योंकि सदन में कुछ लोगों को तो समय बहुत अधिक मिल जाता है और कुछ साथियों को बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता। सदन में सभी बराबर होते हैं। इसके बावजूद कुछ साथी आधा-आधा घंटा समय ले लेते हैं और हमें 2- 3- 5 मिनट का भी समय बड़ी मुश्किल से मिल पाता है। नेता पक्ष और प्रतिपक्ष कितना भी समय लें हमें इससे कोई एतराज नहीं। लेकिन हमने यह पत्र इसलिए लिखा है क्योंकि विधानसभा का अलाट हुआ समय सभी साथियों को बराबर एक समान मिलना चाहिए।
नीरज शर्मा ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के कारण उनकी बैठने की व्यवस्था पिछले चार सेशनो से दर्शक दीर्घा में की जा रही है। जिस कारण से कई बार महत्वपूर्ण मुद्दों पर हम लोग हाथ उठाते हैं, लेकिन स्पीकर देख नहीं पाते। यह भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा था। अगर कोरोना प्रोटोकॉल के कारण इस प्रकार की व्यवस्था रखनी अति आवश्यक है भी, तो चक्रीय पद्धति का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ताकि 12 विधायक एक दिन 12 विधायक अगले दूसरे दिन बैठ सकें। जिससे सभी को समान अधिकार मिल सके। इन विषयों को लेकर यह पत्र लिखा गया है। हालांकि हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता पहली बार जीत कर आए विधायकों की ही नहीं बल्कि सभी विधायकों की सही जायज बात को ध्यान से सुनते हैं और सभी की समस्याओं का हल करवाने की कोशिश करते हैं। ज्ञान चंद गुप्ता राजनीति से उपर उठकर बिना भेदभाव के गर्जन की भूमिका निभाते हैं।
इस मौके पर नीरज शर्मा ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को शून्य बताए जाने के बयान पर जवाब देते हुए कहा है कि यह उनकी निजी राय हो सकती है यह कांग्रेस की राय नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बड़े नेता हैं और साडे 9 साल तक मुख्यमंत्री कांग्रेस के कारण ही रहे हैं। उन्हें सब्र रखना चाहिए। सभी को मौका मिलना चाहिए। यह प्रकृति का नियम है कि पुराने पत्ते झड़ते हैं और नए आते हैं। यह सोच नहीं होनी चाहिए कि आप ही को सब कुछ मिले। अगर आपको कुछ ना मिले तो इस प्रकार के बयान दें। कैप्टन अमरिंदर सिंह को थोड़ा सब्र रखने की जरूरत है।
नीरज शर्मा ने प्रियंका गांधी और दीपेंद्र हुड्डा के साथ हुए उत्तर प्रदेश के घटनाक्रम पर योगी सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय में जर्नल डायर द्वारा जलियांवाला बाग कांड किया गया था। यह लोग जर्नल डायर से भी ऊपर पहुंच गए। कई घंटे तक उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंटरनेट बंद करके रखा गया। इंटरनेट शुरू करते ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर आई। जिसमें साफ दिख रहा है कि निहत्थे किसानों पर पीछे से कायरों की तरह गाड़ी चढ़ा दी गई। जिन परिवारों की क्षति इस हत्याकांड में हुई हमेशा से ऐसे पीड़ित लोगों से मिलने के लिए राजनीतिक लोग जाते रहे हैं। उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की जाती है और प्रियंका गांधी और दीपेंद्र हुड्डा भी वहां पहुंच रहे थे। लेकिन अगर मीडिया-सोशल मीडिया की वीडियो मौके पर न बन रही होती तो जिस तरीके से दीपेंद्र हुड्डा के साथ वारदात की जा रही है। इससे यह साफ है कि इनका इरादा बहुत गलत था। योगी आदित्यनाथ फर्जी एनकाउंटर के बहाने 500 आदमियों के कत्ल कर चुका है। मैं दुख के साथ कह रहा हूं कि अगर वीडियो न बन रही होती तो दीपेंद्र भाई को हम खो देते। हम अपनी नेता को खो देते। इनकी मर्डर की तैयारी थी। दीपेंद्र राज्यसभा के सांसद हैं। कोई आम आदमी नहीं है तो सोचो आम आदमी की वहां क्या दुर्दशा होगी।
