
पटना: प्रदेश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर की प्रबल आशंका जतायी जाने लगी है, क्योंकि इसके मरीजों की संख्या हर दिन बढ़ने लगी है। बावजूद, अभी स्कूल बंद नहीं होंगे। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि हर परिस्थिति पर नजर रखी जा रही है। मौजूदा समय में प्रदेश के स्कूलों को बंद करने का कोई विचार या प्रस्ताव नहीं है। हालांकि कोविड-19 के आंकड़ों को लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसी कोई आवश्यकता होगी तो आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में बातें रखी जाएंगी और निर्णय भी लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी आतंकित होने की जरूरत नहीं है। हर जिले में शिक्षण संस्थानों पर स्थानीय प्रशासन के स्तर से भी नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार की ओर से पहले से ही दिशा-निर्देश जारी है कि स्कूलों में हर स्तर पर सावधानी बरतें और गाइडलाइन का पूरा अनुपालन करें। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और हर कोई मास्क अवश्य लगाएंं।
जागरण संवाददाता, पटना: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर स्कूलों में सख्ती काफी बढ़ा दी गई है। हर बच्चे के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मास्क के किसी भी छात्र को स्कूलों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। स्कूल के गेट पर ही सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है। बीमार बच्चों को स्कूल नहीं आने की सलाह दी जा रही है। एसोसिएशन आफ पब्लिक स्कूल्स के अध्यक्ष डा. सीबी सिंह का कहना है कि प्रदेश के 11 सौ से अधिक स्कूलों को संगठन की ओर से बार-बार सलाह दी जा रही है कि कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कोरोना गाइडलाइन का समुचित रूप से पालन किया जाए।
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सुबह-शाम दोनों समय स्कूल हो रहे सैनिटाइज
केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य पीके सिंह का कहना है कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर स्कूलों को सुबह-शाम दोनों समय सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके अलावा स्कूल परिसर में जगह-जगह सैनिटाइजर की व्यवस्था है। स्कूल के मुख्य द्वार पर ही मास्क की जांच होती है। इसके बाद ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया जाता है, जिस छात्र के पास मास्क नहीं होता है, उसे स्कूल की ओर से मास्क मुहैया कराया जाता है।
लोयला मांटेसरी स्कूल के प्राचार्य ब्रदर माइक का कहना है कि सरकार की ओर से कोरोना को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। उसका स्कूल में पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। किसी भी बच्चे की उपस्थिति पर जोर या दबाव नहीं दिया जा रहा है। यह अभिभावकों पर निर्भर है कि बच्चे को स्कूल भेजें या नहीं। स्कूल अपनी ओर से बचाव के हर संभव कदम उठा रहे हैं।
Source News: jagran
