
हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन को किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. उस दिन संबंधित देवी-देवता की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. ऐसा करने से उनकी कृपा जल्दी मिलती है. धर्म-शास्त्रों में इन व्रत-पूजा के कुछ नियम बताए गए हैं और उनका पालन न करने से देवी-देवता नाराज हो सकते हैं. इन्हीं में से एक है मां संतोषी का व्रत. यह व्रत करने वाले लोगों को कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है वरना फायदे की जगह नुकसान उठाना पड़ता है.
पूरे परिवार पर पड़ता है असर
शुक्रवार का दिन मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां संतोषी को समर्पित हैं. जो लोग संतोषी माता का व्रत रखते हैं उन्हें इसके नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, वरना माता की नाराजगी पूरे परिवार पर भारी पड़ती है. वहीं 16 शुक्रवार तक विधि-विधान और भक्ति-भाव से किया गया मां संतोषी का व्रत घर में धन-धान्य और खुशियों की बरसात करता है. माता सारी समस्याएं हर लेती हैं और जिंदगी को खुशियों से भर देती हैं. मान्यता है कि यह व्रत करने से परीक्षा-इंटरव्यू में सफलता, संतानसुख और मनपसंद जीवनसाथी पाने की मन्नत जल्द ही पूरी हो जाती है.
– विधि-विधान से व्रत करना काफी नहीं है, व्रत पूरा होने पर उसका सही तरीके से उद्यापन करना भी जरूरी है. वरना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है. लिहाजा संतोषी माता का व्रत रखें तो जितने व्रत का संकल्प लिया है, उनके पूरे होने के बाद विधि-विधान से उद्यापन जरूर करें.
– संतोषी माता के व्रत में कभी भी ना तो खट्टी चीजें खाएं और ना ही शुक्रवार के दिन घर में लाएं. बल्कि संभव हो तो घर के सदस्यों को भी तब तक शुक्रवार के दिन खट्टी चीजें नहीं खानी चाहिए, जब तक कि घर में कोई यह व्रत कर रहा हो.
– घर में कोई भी सदस्य संतोषी माता का व्रत करे, उसके साथ-साथ पूरे सदस्यों को भी व्रत वाले दिन नॉनवेज-शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, ना ही घर में लाना चाहिए. ऐसा करना संतोषी माता के बेजा क्रोध का शिकार बना सकता है.
– संतोषी माता की व्रत-पूजा में गुड़-चने का भोग जरूर लगाएं और उसका प्रसाद परिवार के सभी सदस्यों को दें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. faridabadnews24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Source News: zeenews
