
सर्दी के मौसम में ज्यादातर लोगों को हड्डियों में दर्द होने की शिकायत रहती है। जिन लोगों को ऑर्थराइटिस, न्यूरोमेटिस, जोड़ों में दर्द की परेशानी हैं उन लोगों के लिए सर्दी किसी आफत से कम नहीं है। हड्डियों में कमजोरी शरीर में पर्याप्त कैल्शियम न पहुंचने की वजह से होती है। वैसे तो हड्डियों की मजबूती के लिए डॉक्टर दूध और डेयरी प्रोडक्ट की सलाह देते हैं लेकिन दूध, दही के अलावा कई ऐसी चीजें हैं जिनसे हड्डियों की मजबूती बनी रहती है।
सर्दी आते ही अगर आपकी भी हड्डियों मे दर्द शुरू हो जाता है तो इस परेशानी से बचने के कई तरीके हैं जिनकी मदद से हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है। आइए जानते हैं कौन से ऐसे तरीकें हैं जिनकी मदद से हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है।
हड्डियों को मजबूत रखने के टिप्स
पर्याप्त सब्जियों का सेवन करें:
आमतौर पर लोग समझते हैं कि हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम वाली चीजों को खाना पर्याप्त है, लेकिन यह तरीका सही नहीं है। हड्डियों को मज़बूत करने के लिए सिर्फ कैल्शियम से काम नहीं चलेगा, इसके लिए विटामिन सी युक्त चीजों का सेवन भी जरूरी है। विटामिन सी के कारण बोन के बनाने वाले सेल्स सक्रिय होते हैं जिसके कारण हड्डियों में मजबूती बरकरार रहती है। इसलिए भोजन में हरी पत्तीदार सब्जियों और साइट्रस फ्रूट का सेवन बढ़ाएं, इससे हड्डियां मजबूत होगी।
हड्डियों को मजबूत करने के लिए आप एक्सरसाइज का सहारा ले सकते हैं, इसके लिए ऐसी एक्सरसाइज कीजिए जिसमें वेट को उठाने की क्षमता बढ़ें। एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोग ने एक साल तक वेट उठाने वाली ट्रेनिंग में भाग लिया उनमें बोन मिनर डेंसिटी और बोन साइज में वृद्धि हो गई।
पर्याप्त प्रोटीन का सेवन भी जरूरी:
बोन हेल्थ के लिए पर्याप्त प्रोटीन का होना जरूरी है क्योंकि अगर शरीर में प्रोटीन कम रहेगा तो कैल्शियम का अवशोष सही से नहीं हो पाएगा। हालांकि बहुत ज्यादा प्रोटीन से भी कैल्शियम का शरीर में नुकसान हो जाता है, इसलिए प्रोटीन की संतुलित मात्रा हड्डियों के लिए जरूरी है।
कैल्शियम युक्त भोजन:
हड्डियों के लिए कैल्शियम युक्त भोजन तो जरूरी है ही, इसके लिए दूध के साथ-साथ हरी पत्तीदार सब्दियां, ब्रसल स्प्राउट, शिमला मिर्च, शकरकंद, टमाटर स्ट्रॉबेरी, संतरा और केला जैसी चीजों का सेवन करें।
डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
Source News: jagran
