
वैसे तो आपने भी सुना ही होगा कि दुनिया गोल है. यानी जिस चीज की शुरुआत जहां से होती है उसका अंत भी उसी जगह से होता है. कुछ ऐसा ही अंदेशा भारत समेत दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना महामारी के बारे में लगा रहे हैं. यहां बात कोरोना के पैंडेमिक (Pandemic) के Endemic वर्जन की. अब भारत के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट ने भारत में डेल्टा को रिप्लेस कर लिया जो बहुत हद तक मुमकिन है कि इसी साल मार्च महीने में ही भारत में इसके खात्मे की शुरुआत हो जाएगी.
महामारी से मुक्ति की ओर दुनिया
कुछ ऐसा ही अनुमान WHO के यूरोप जोन के प्रमुख Hans Klunge ने यूरोप के लिए लगाया है कि मार्च 2022 में ही यूरोप में कोरोना Pandemic से Endemic वाले रूप में बदल जाएगी. साल 2020 के मार्च महीने में कोरोना को भारत सरकार ने आपदा घोषित किया था. तब भारत में अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन भी लगाया गया था जिसमे परिंदा तक पर नहीं मार सकता था. लेकिन अब भारत के वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि साल 2022 के इसी मार्च महीने में भारत मे भी कोरोना Endemic Stage में पहुंच जाएगा.
क्या होता है Endemic?
दरअसल किसी भी महामारी का Eendemic वह चरण है जब बीमारी इतनी इतनी कमजोर हो जाती है कि वह किसी स्वस्थ व्यक्ति को गंभीर रूप से बीमार नहीं करती है और उसकी भविष्य में किसी तरह की लहर नहीं आती है. वह बीमारी रहती तो लोगों के साथ ही है. उन्हें संक्रमित भी करती है लेकिन उसकी संख्या कम और स्थान सीमित हो जाता है. जब लाइफ थ्रेट यानी जान का खतरा नहीं होता तो उस बीमारी को किसी देश या किसी स्थान पर Endemic घोषित कर दिया जाता है.
उदाहरण के तौर पर बताएं तो दिल्ली में हर साल बारिश के बाद डेंगू संक्रमण होता है लेकिन उसे महामारी नहीं कहा जाता क्योंकि उससे दिल्ली की छोटी सी आबादी ही हर साल संक्रमित होती है और ज्यादातर लोग ठीक भी हो जाते हैं. इसी तरह मलेरिया, Tuberclosis (TB) जैसी बीमारियां आज भी हर साल पूरे विश्व मे लाखों लोगों को संक्रमित करती हैं लेकिन इन्हें भी महामारी नहीं कहा जाता है क्योंकि मानव आज इन बीमारियों के साथ रहना सीख गया है और ये बीमारियां जब पहली बार आयी थी तब से अब की तुलना में कम घातक है.
भारतीय वैज्ञानिकों का अनुमान
कुछ ऐसा ही अनुमान भारत समेत दुनियाभर के वैज्ञानिकों का कोरोना पर है. भारतीय वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना का वैरिएंट ओमिक्रोन लोगों को संक्रमित तेज रफ्तार से कर रहा है ऐसे में यह वैरिएंट भारत मे बेहद जल्द डेल्टा को रिप्लेस कर देगा यानी भारत मे कोरोना के मामले सिर्फ ओमिक्रॉन की वजह से ही आएंगे. जिसकी वजह से भारत मार्च 2022 तक endemic stage पर पहुंच जाएगा. वैज्ञानिकों की इस मार्च 2022 में भारत मे Endemic वाली उम्मीद को भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के INSACOG समूह ने भी आगे बढ़ाया है और बताया है कि भारत में ओमिक्रॉन का कम्युनिटी ट्रान्समिशन शुरू हो चुका है. आईसीएमआर (ICMR) के पूर्व डायरेक्टर डॉ इनके गांगुली भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं.
ENDEMIC से PANDEMIC होने से आप पर क्या असर पड़ेगा?
अब आप सोच रहे होंगे कि अगर भारत में मार्च 2022 में कोरोना ENDEMIC से PANDEMIC बन जाता है तो इसका आप पर क्या असर पड़ेगा तो इसे भी ध्यान से समझिये. अगर भारत सरकार कोरोना को ENDEMIC घोषित कर देती है तो आज जो आप देखते हैं कि कोरोना के डर से भारत की सरकारें स्कूल-कॉलेज बंद कर देती हैं, जगह जगह वीकेंड कर्फ्यू और नाईट कर्फ्यू लगा देती हैं या फिर जैसे दिल्ली में बाज़ार ऑड-इवेन के आधार पर खुलते हैं वैसी स्थिति नहीं आएगी क्योंकि तब देश मे कोरोना हेल्थ इमरजेंसी नही होगी.
हेल्थ फोर्स पर दबाव कम होगा
कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को टेस्ट नही करवाना पड़ेगा. यह भी हो सकता है कि आज जब आप किसी एक राज्य से दूसरे राज्य हवाई यात्रा करते हैं तो आपको 72 घण्टे पुरानी कोविड नेगेटिव की रिपोर्ट दिखानी होती है, ऐसे में एंडमिक के बाद आपको हर बार सफर से पहले इस टेस्ट से भी मुक्ति मिल जाये. दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के महामारी विशेषज्ञ डॉ संजय राय के मुताबिक एंडमिक के ऐलान के बाद भारत की जो हेल्थ फोर्स बीते दो सालों से इस कोरोना का भार झेल रहा है वो भी पहले की तरह काम कर पानें की स्थिति में होगा. वहीं सरकारों के ऊपर जो हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये का कोविड टेस्टिंग का भार है वो भी खत्म हो सकता है.
आज का कोरोना भविष्य का सर्दी-जुकाम-बुखार हो सकता है
कोरोना के इस Endemic अवतार का दुनिया भर के वैज्ञानिक जो अनुमान लगा रहे हैं वो यही है कि जिस तरह कोरोना म्यूटेट होकर के ओमिक्रॉन के अवतार में आ गया जो स्वास्थ्य के लिए कम खतरनाक है उसी तरह Endemic Stage के बाद कोरोना खत्म तो नहीं होगा लेकिन उसकी लाखों केस वाली कोई बड़ी लहर नहीं आएगी. डेल्टा जैसी खतरनाक लहर नहीं होगी. कोरोना रहेगा, संक्रमित भी करेगा लेकिन जानलेवा कम होगा. हो सकता है आज का कोरोना भविष्य का सर्दी जुकाम बुखार भी बन जाये जैसे आज का सर्दी जुकाम, सौ साल पहले का स्पेनिश फ्लू था.
Source News: zeenews
