
Knee Pain: घुटने का दर्द या नी पेन काफी कॉमन प्रॉब्लम है, जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है. कुछ लोगों का मानना है कि घुटने या जोड़ों का दर्द बुढ़ापे की बीमारी है और कम उम्र में इसका कोई असर नहीं होता. अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो यह बात बिल्कुल गलत है. घुटने का दर्द सिर्फ अधिक उम्र के लोगों में ही नहीं, कम उम्र के लोगों में भी देखा जाता है. हां, यह हो सकता है कि कम उम्र के लोगों में कुछ लक्षण कम देखे जाएं.कम उम्र के लोगों को अलग-अलग कारणों से घुटने में दर्द होता है और इसका मतलब है कि उन्हें इस दर्द की ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि आगे चलकर यह समस्या अधिक न बढ़ जाए. इस आर्टिकल में हम आपको उन कारणों के बारे में बता रहे हैं, जिससे कम उम्र के लोगों को घुटने का दर्द होने लगता है. साथ ही साथ लक्षण और उपायों के बारे में भी बताएंगे.
कम उम्र के लोगों में घुटने के दर्द का कारण (Cause of knee pain in young age)
70 से अधिक पब्लिकेशन और 80 इंटरनेशनल प्रेजेंटेशन देने वाले ऑर्थोपेडिक डॉ. जेफ्री वैन थिएल (Dr. Geoffrey Van Thiel) के मुताबिक, जब घुटने के मसल्स, लिगामेंट और टेंडन से अधिक काम कराया जाता है, तो घुटने में दर्द, जकड़न और अन्य लक्षण विकसित होने लगते हैं. टेंडोनाइटिस और बर्साइटिस कुछ ऐसी ही स्थितियां हैं, जो आमतौर पर घुटने के अधिक प्रयोग से जुड़ी होती हैं. यह समस्या उन लोगों में भी देखी जाती है, जो लंबे समय से एक्टिव नहीं थे और अचानक से एक्टिविटी शुरू करते हैं. इस प्रकार की चोटें वयस्कों में काफी आम हैं. न्यूयॉर्क के बेथ इजराइल मेडिकल सेंटर में स्पोर्ट्स रिहैबिलिटेशन के डायरेक्टर रॉबर्ट गोटलिन (Robert Gotlin) के मुताबिक, घुटने के दर्द का कारण बनने वाली सबसे आम चीजों में से एक रनिंग करते समय आने वाला खिंचाव है. दरअसल, जब रनिंग करते समय एड़ी को पीछे हिप्स की ओर लेकर जाते हैं, तो इससे घुटने पर अधिक खिंचाव आता है, जो घुटने के दर्द को बढ़ाता है.
रॉबर्ट गोटलिन के मुताबिक, गठिया रोग काफी कम उम्र में भी घुटनों या जोड़ों में दर्द का कारण बन सकता है. अगर आप एथलीट हैं या अधिक वजन वाले हैं, तो इसकी संभावना अधिक हो जाती है. गठिया तब विकसित होता है, जब आपके घुटने के जोड़ के अंदर कार्टिलेज जो कि घुटने को कुशन देता है, उसकी लेयर कमजोर होती जाती है. घुटने में बार-बार चोट लगने से भी कार्टिलेज को नुकसान हो सकता है, जिससे गठिया होने की संभावना बढ़ जाती है. मोटापे से भी घुटनों के बीच में कुशन देने वाले कार्टिलेज पर अधिक दबाव पड़ता है और गठिया की संभावना बढ़ जाती है.
कम उम्र के लोगों में घुटने का दर्द आमतौर पर गठिया के कारण नहीं होता है, लेकिन यह पेटेलोफीमोरल सिंड्रोम के कारण हो सकता है. पेटेलोफीमोरल सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जो घुटने के सामने और घुटने के चारों ओर दर्द का कारण बनती है. कम उम्र के लोगों में घुटने का दर्द, अधिक प्रयोग और खराब लाइफस्टाइल के कारण होता है. ज्यादातर ऐसा तब होता है, जब कुछ मांसपेशियां अन्य मांसपेशियों की अपेक्षा अधिक काम करती हैं, ऐसे में असंतुलन के कारण घुटने में दर्द होना शुरू हो जाता है. इसके अलावा चोट लगना, गठिया, एसीएल टूटना, फ्रैक्चर होना, आर्थराइटिस, बर्साइटिस, बैठने का गलत तरीका आदि के कारण भी कम उम्र के लोगों में घुटने के दर्द का कारण हो सकता है.
कम उम्र के लोगों में घुटने के दर्द के लक्षण (Symptoms of knee pain in young age)
कम उम्र के लोगों में घुटने के दर्द की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. लेकिन घुटने के दर्द को कुछ लक्षणों से आसानी से पहचाना जा सकता है. अगर आपको भी ये लक्षण अधिक समय तक रहते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
- सूजन और जकड़न
- घुटने का लाल होना
- घुटने का गर्म होना
- घुटने में कमजोरी महसूस होना
- चलने में घुटने से बैलेंस न बनना
- घुटने को पूरी तरह से सीधा करने में मुश्किल होना
- घुटना मोड़ने में दर्द होना
कम उम्र में घुटने के दर्द को कैसे रोकें (How do you stop knee pain at a young age)
डॉ. जेफ्री वैन थिएल के मुताबिक, कम उम्र में घुटने के दर्द को कैसे रोकने के लिए कुछ पुराने उपायों को अपनाया जा सकता है. कई बार इन तरीकों से घुटने के दर्द में आराम मिल जाता है. अगर इन उपायों को अपनाने के बाद भी आराम न लगे तो किसी ऑर्थोपेडिक डॉक्टर को बताएं.
- घुटने में अगर दर्द होता है, तो सबसे अच्छा तरीका है कि घुटने को आराम दें.
- घुटने में दर्द होने पर इंटेंस एक्टिविटी से बचना चाहिए.
- घुटने में दर्द होने पर बर्फ लगाना सबसे अच्छा तरीका है. इससे सूजन कम होती है और फिर दर्द कम हो सकता है.
- गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लामेंशन दवाइयों का किसी डॉक्टर से परामर्श करके सेवन कर सकते हैं.
- घुटने को के दर्द को कम करने के लिए थैरेपी या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं.
अगर दर्द कम होता है, तो नीचे बताए तरीकों से भी आराम लग सकता है. जैसे:
- स्पोर्ट एक्टिविटी के समय ऐसे जूते पहनें, जो खास तौर पर खेल या फिजिकल एक्टिविटी के लिए डिजाइन किए गए हों.
- किसी भी फिजिकल एक्विटी, एक्सरसाइज से पहले अच्छी तरह से वार्मअप करें.
- घुटने की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाए रखने के लिए लेग्स एक्सरसाइज भी करें.
- ऐसी फिजिकल एक्टिविटी से बचें, जो घुटनों में दर्द पैदा करती हैं.
- दर्द के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अलर्ट हो जाएं.
(Disclaimer: घुटने में दर्द होने पर इन उपायों को तभी अपनाएं जब डॉक्टर इन तरीकों को फॉलो करने की सलाह दें. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी तरीका न अपनाएं.
source news: aajtak
