
हरियाणा में अब जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रार्थियों को तहसील के चक्कर नहीं पड़ेंगे। मात्र सरल पोर्टल पर आवेदन करते ही जाति प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा। इसके लिए प्रदेश की जजपा-भाजपा सरकार ने जाति प्रमाणपत्र को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ने का फैसला लिया है। इस फैसले के अंतर्गत जाति प्रमाणपत्र अब परिवार पहचान पत्र के नंबर से ही जारी होगा। राज्य सरकार ने इस संदर्भ में नई गाइडलाइन जारी कर दी हैं।
सोनीपत के उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि जानकारी दी कि तहसीलदार के बजाय अतिरिक्त उपायुक्त एवं नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी जाति प्रमाण पत्र जारी करेंगे। योग्यता रखने वालों को अब अनुसूचित जाति, वंचित अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, टपरीवास, विमुक्त जाति और घुमंतू जनजाति से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए नंबरदार, पटवारी और न ही तहसील में चक्कर काटने पड़ेंगे। अब आवेदक सिर्फ परिवार पहचान पत्र नंबर के माध्यम से सरल पोर्टल पर आवेदन करेगा और उसे ऑनलाइन ही जाति प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
पिछड़ा वर्ग की देखी जाएगी आय
उपायुक्त ललित सिवाच ने स्पष्टï किया कि पिछड़ा वर्ग के जाति प्रमाण पत्र बनाते समय आय देखी जाएगी। आय वही मान्य होगी जो परिवार पहचान पत्र में दर्ज होगी। आय इसलिए देखी जाएगी कि यदि कोई क्रीमी लेयर में आता है तो उसका प्रमाण पत्र प्रत्येक वर्ष 31 मार्च तक मान्य होगा, जो क्रीमी लेयर में नहीं हैं उनका प्रमाण पत्र आजीवन मान्य होगा।
सक्षम अधिकारी करेगा सत्यापित
जाति सत्यापित करने के लिए सक्षम अधिकारियों की डयूटी लगाई है। राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले निवासी की जाति का सत्यापन नागरिक संसाधन सूचना विभाग की ओर से नोटिफाइड सक्षम अधिकारी करेगा। हरियाणा राज्य के विभाग, पीएसयू, विश्वविद्यालय आदि में कार्यरत रेगुलर पुरुष और महिला कर्मचारी की जाति का सत्यापन एचआरएमएस में उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर होगा।
उन्होंने बताया कि जाति के संबंध में किसी भी प्रकार के संशय के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को मैटर भेजा जाएगा। इस संबंध में विभाग की ओर से जारी क्लेरिफिकेशन मान्य होगी। हरियाणा सरकार की ओर से जारी हिदायतानुसार हरियाणा राज्य का कोई भी सरकारी विभाग हरियाणा से संबंधित किसी भी व्यक्ति को जाति प्रमाण पत्र जमा करवाने के लिए बाध्य नहीं करेगा। यदि वह परिवार पहचान पत्र उपलब्ध कराता है और उसकी जाति और जाति की श्रेणी पारिवारिक सूचना डेटा रिपोजिटरी (एफआईडीआर) में सत्यापित की हुई है। नियमों की अधिक जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त एवं नागरिक संसाधन सूचना अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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