मां अमृतानंदमयी ने राहुल गांधी को गले से लगाया, केरल में ‘भारत जोड़ो’ यात्रा का 10वां दिन,

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को यहां करुनागपल्ली के समीप पुथियाकावु जंक्शन से हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के 10वें दिन का सफर शुरू किया। गांधी और यात्रा में शामिल सदस्यों ने शुक्रवार को करीब 24 किलोमीटर की पदयात्रा करने के बाद करुनागपल्ली में विश्राम किया था। यात्रा सुबह साढ़े छह बजे फिर से शुरू हो गयी। गांधी और पार्टी के अन्य सदस्य करीब 12 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे और अलपुझा जिले में प्रवेश करेंगे तथा सुबह करीब 11 बजे कयामकुलम में विश्राम करेंगे। वे फिर शाम पांच बजे पदयात्रा शुरू करेंगे और आठ किलोमीटर का सफर करेंगे। वे चेप्पड में एक जनसभा के साथ शनिवार के कार्यक्रम का समापन करेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुरेश, के. मुरलीधरन, के सी वेणुगोपाल और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन भी गांधी के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। इस बीच, गांधी ने शुक्रवार रात को करुनागपल्ली के समीप आध्यात्मिक गुरू माता अमृतानंदमयी के आश्रम में उनसे मुलाकात की। उन्होंने फेसबुक पर अमृतानंदमयी के साथ कई तस्वीरें भी साझा की। गांधी ने कहा, ‘‘कोल्लम के करुनागपल्ली के समीप मां अमृतानंदमयी से उनके आश्रम में मुलाकात करने का सौभाग्य मिला। अम्मा का संगठन गरीब और वंचितों की मदद के लिए जो शानदार काम कर रहा है उससे बहुत प्रभावित हुआ। विनम्रतापूर्वक उनका अभिवादन किया और बदले में उन्होंने मुझे गर्मजोशी से, प्रेमपूर्वक गले लगाया।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी गांधी और अमृतानंदमयी की तस्वीर ट्वीट की। रमेश ने कहा, ‘‘लंबी चली पदयात्रा के आखिर में राहुल गांधी ने माता अमृतानंदमयी से वल्लीकावु में उनके आश्रम में मुलाकात की। उनकी विनम्रता, प्रेम की सार्वभौमिक भाषा और दर्शन का अनूठा अंदाज ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के संदेश का पर्याय है।” कांग्रेस की 3,570 किलोमीटर लंबी और 150 दिन तक चलने वाली यह पदयात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से सात सितंबर को आरंभ की गई थी और इस दौरान 12 राज्यों एवं दो केंद्रशासित प्रदेशों का दौरा किया जाएगा।

भारत जोड़ो यात्रा 10 सितंबर की शाम को केरल पहुंची थी। केरल में 450 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी और इस दौरान 19 दिन में सात जिलों को कवर किया जाएगा। इसके बाद यह एक अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचेगी। यह यात्रा 17 सितंबर को अलपुझा में प्रवेश करेगी और 21 तथा 22 सितंबर को एर्नाकुलम जिले से होते हुए 23 सितंबर को त्रिशूर पहुंचेगी।

 

NEWS SOURCE : punjabkesari

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