
पानीपत : पानीपत जिले के सिविल अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली जहां अस्पताल के ही एक कर्मी की जान चली गई। बताया जा रहा है कि पांच दिन से संदिग्ध डेंगू से पीड़ित सफाई कर्मचारी से बीमार होने के बाद भी काम कराया गया जबकि उसे छुट्टी भी नहीं दी गई।
बता दें कि गांव गांजबड़ी निवासी रवि 2018 से सिविल अस्पताल में कर्मचारी के रूप में काम कर रहा था। अब वह कौशल विकास निगम योजना का कर्मचारी था। रवि को करीब पांच दिन से बुखार था। उसका असंध रोड स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। साथी कर्मचारियों ने बताया कि एनक्वास टीम के निरीक्षण के मद्देनजर कर्मचारियों को छुट्टी नहीं मिल रही थी। रवि बुखार में भी ड्यूटी पर आ रहा था। शनिवार को उसकी मौत हो गई। रवि के पिता मुनीराम ने बताया कि रवि को दो दिन छुट्टी नहीं मिली थी। वह डेंगू से ग्रस्त था। शनिवार को उसने जबरदस्ती उसको घर पर रखा था। दोपहर को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर छुट्टी न देने के आरोप जड़े।
दरअसल 17-19 नवंबर तक सिविल अस्पताल में एनक्वास की टीम का निरीक्षण है। इसको लेकर कर्मचारियों पर सख्ती की गई है। नोडल अधिकारियों की नॉन मेडिकल छुट्टी भी फिलहाल कैंसिल की गई थी। इस मामले में डिप्टी एमएस अमित पौरिया ने कहा कि आरोप गलत हैं, रवि ने छुट्टी मांगी ही नहीं थी।
NEWS SOURCE : punjabkesari
