चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि आवश्यक सेवाओं जैसे दूध, फल, सब्जी बेचने वालों को कर्फ्यू पास जारी करने से पहले उनकी मेडिकल जांच की जाए। याचिका के अनुसार अगर आवश्यक सेवाओं के लिए पास होल्डर COVID-19 संक्रमण का शिकार होंगेे तो वह हजारों लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं।
देश में ऐसे कई मामले आए हैं, जिसमें आवश्यक सर्विस से जुडे व्यक्ति Coronavirus Positive मिले हैंं। ऐसे में अब हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ लॉकडाउन/कर्फ्यू पास लेने वालों की पहले मेडिकल जांच करे। हाई कोर्ट इस याचिका पर जल्द ही सुनवाई कर सकता है, क्योंकि याचिका की कापी कोर्ट के नियम के तहत चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब और हरियाणा के एडवोकेट जनरल कार्यालयों को अग्रिम तौर भेज दी गई है।
याचिका में कहा गया है कि Coronavirus COVID-19 के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए देशभर सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में लॉकडाउन/कर्फ्यू लगाया गया है। इस दौरान लोगों को दैनिक आवश्यकता की वस्तुओं की कमी न हो, इसके लिए आवश्यक सेवाओं दूध, फल, सब्जी बेचने वालों और समाज सेवी संस्थाओं को कर्फ्यू पास दिए गए हैं, लेकिन यह कर्फ्यू पास बिना मेडिकल जांच के ही दे दिए गए हैं जो बेहद ही घातक साबित हो सकता है।
याचिका में कहा गया है कि आवश्यक सेवाएं देने वालों और समाज सेवी संस्थाओं के लोग जो जरूरतमंद लोगों को राशन बांट रहे हैं, उनका पहले मेडिकल चेकअप करवाकर ही कर्फ्यू पास दिए जाएं। याचिकाकर्ता का कहना है कि हाल ही में यह सामने आया है कि जहां ऐसे लोगों से कई अन्य लोग सामान ले रहे थे, वह सभी कोरोना के संक्रमण के शिकार हो गए हैं। हाई कोर्ट के एडवोकेट कमल दीप सेहरा ने इस जनहित याचिका में चंडीगढ़ सहित
