नारनौल और निजामपुर में बनाए गए सरसों के खरीद केंद्रों पर राजस्थान से सरसों लाने वाले दलालों, राजस्व विभाग के अधिकारियों और कुछ लालची किस्म के किसानों ने मिलीभगत करके फर्जी और गलत रजिस्टे्र्रशन करके सैकड़ों क्विंटल सरसों बेच डाली। मामला डीसी के संज्ञान में आने पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर इस क्षेत्र के पटवारी को डीसी ने तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
बता दें कि मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी व सचिव अशोक यादव ने गत दिवस बुधवार को निजामपुर खरीद केंद्र का दौरा किया तो इस प्रकार के मामलों की शिकायत किसानों ने की थी। किसानों ने चेयरमैन को बताया था कि निजामपुर खरीद केंद्र पर सरसों खरीद कार्य में किसी बड़े स्कैंडल से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों का आरोप था कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से इस सेंटर पर दलाल ऐसे किसानों के नाम पर फर्जी और गलत रजिस्टे्रशन करवाकर सरसों बेच गए हैं, जिनमें कुछ किसानों के नाम जमीन तक नहीं, कुछ किसानों के पास जमीन कम होने के बावजूद उससे तीन गुणा अधिक सरसें बेच दी और जो किसान पिछले दिनों ओलावर्ष्टि में अपनी फसलों को 50 प्रतिशत तक नष्ट दिखाकर मुआवजा ले चुके हैं, वो प्रति एकड 8 क्विंटल पैदावार के अनुसार पूरी-पूरी फसल बेच गए हैं।
किसानों का आरोप था कि यह सारा खेल राजस्थान से सरसों लेकर यहां बेचने वाले दलालों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से तो हो ही रहा है लेकिन इसमें कुछ लालची किस्म के किसान भी शामिल हैं, क्योंकि आखिर सरसों मंडी में बेचने का काम तो किसानों के फर्जी रजिस्ट्रेशनों पर हो रहा है। कुछ किसानों ने इस मौके पर 12 किसानों की एक सूची कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी व अशोक यादव को सौंपी थी, जिन पर उपरोक्त आरोप लगाकर सरसों बेचने की बात कही थी।
सूची के अनुसार जब मार्केट कमेटी ने अपना रिकार्ड खंगाला तो ये सभी 12 किसान एक ही गांव बामनवास नौ के निकले, जो एक ही दिन में अपनी सरसों बेच भी गए, लेकिन इनकी जमीन के बारे वैरीफाइ की तह तक जाने के लिए मामला तुरंत प्रभाव से डीसी जगदीश शर्मा के संज्ञान में डाला गया। प्रशासन ने इस मामले में तुरंत कडाई से संज्ञान लेते हुए इसकी प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की। इतना ही डीसी ने बुधवार देर रात तक राजस्व विभाग व अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक भी ली।
डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार करेंगे वैरीफाइ की जांच:-डीसी
इस मामले में डीसी जगदीश् शर्मा ने बताया कि मामले संज्ञान में आने के बाद उन्होंने बामनवास क्षेत्र के पटवारी रामबिलास को सस्पेंड करके इसकी जांच डीआरओ को सौंप दी है। साथ ही इस पटवारी द्वारा जिन भी किसानों की जमीन वैरीफाइड की गई है, उनकी जांच के लिए भी डीआरओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को बोल गया है। वे अब उन सभी किसानों की जमीन की वैरीफाइ दोबारा देखेंगे जिनको रामबिलास पटवारी ने वैरीफाइड किया था।
निजामपुर खरीद केंद्र पर मामले का भंडाफोड होने के बाद अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार की जांच में यदि उन लालची किस्म के किसानों का भंडाफोड हो जाता है, जिन्होंने दलालों और राजस्व विभाग के अधिकारियों से मिलकर गलत रजिस्टे्रशन करवाया है और उसके तहत सरसों बेच चुके हैं, तो उन पर भी मुकदमा दर्ज होने की संभावना बन गई है।
