
Auto Rickshaw In Kashmir: कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता आर्टिस्ट की आर्थिक स्थिति खराब होने पर ऑटो रिक्शा चलाने पर मजबूर होना पड़ा. वह आर्टिस्ट कागज की लुगदी का एक कारीगर है. एक ट्विटर यूजर ने खुद को कश्मीर में ट्रैफिक में फंसा पाया, तो उसने नहीं सोचा था कि वह सैयद एजाज से टकराएगा, जिसके काम को दक्षिण अफ्रीका, भारत और कई अन्य देशों में पहचाना और सम्मानित किया गया है. आर्टिस्ट ने दो राज्य हस्तशिल्प पुरस्कारों सहित कई पुरस्कार जीते हैं. बीबीसी सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में छपने और गेस्ट व प्रशिक्षक के रूप में कई देशों का दौरा करने के बावजूद एजाज ने अपनी कला के माध्यम से गुजारा करने के लिए संघर्ष किया है.
ऑटो रिक्शा चलाकर जीवन व्यतीत करने पर मजबूर
दिल हिला देने वाली कहानी को ट्वीट्स की एक सीरीज में शेयर किया गया था. ट्विटर यूजर @khawar_achakzai ने लिखा, “आज ट्रैफिक जाम में सबसे बढ़िया चीज यह थी कि मैंने जब ऑटो लिया तो मेरी मुलाकात ड्राइवर सैयद एजाज से हुई, जो एक पुरस्कार विजेता कागज-माचे कारीगर था जिसे कई प्रशंसाएं मिली हैं. उनके काम को दक्षिण अफ्रीका, भारत (भारतीय कपड़ा मंत्रालय से राष्ट्रीय पुरस्कार) और दो राज्य हस्तशिल्प पुरस्कारों सहित कई अन्य स्थानों पर मान्यता और सम्मान दिया गया है.” सैयद एजाज ने अपने शब्दों में बताया कि क्यों उन्हें अपनी कला छोड़कर ऑटो रिक्शा चलाना पड़ा.
ट्विटर पर कहानी जानकर इमोशनल हुए लोग
सैयद ने कहा, “तक़दीर बनी, बनकर बिगड़ी, दुनिया ने हमें बर्बाद किया.” आर्थिक स्थिति खराब होने को लेकर ट्विटर यूजर ने शेयर किया कि कैसे एजाज अब अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ रहा है. ट्विटर यूजर ने लिखा, “एजाज सिर्फ एक कारीगर नहीं है, वह कला है. संघर्ष कर रहा है.” अपने रास्ते में तमाम कठिनाइयों के बावजूद, एजाज यह सुनिश्चित करता है कि वह हर दिन सुबह और शाम अपनी कला के लिए हमेशा समय निकाले. अपना दिन ऑटो रिक्शा चलाने में बिताने के बाद वह अपनी कला और रचनात्मकता की दुनिया में लौट आता है जहां वह अपनी अधूरी कलाकृतियों पर काम करता है.
NEWS SOURCE : zeenews
